बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ में बाहर से दिखावा, अन्दर से छलावा

बाराबंकी जिला के हैदरगढ़ तहसील के कोठी गाँव कै महिला प्रधान महेजवी पति मुसीर गाँव मा जागरूकता फैलावे कै बीड़ा बजावत अहैं। पर भाई जरा सोचा? जब उनके घर कै महिला प्रधान ही कैमरा के सामने न बोलै बाहर न निकरै, काम न करावै तौ ई दीवार लेखन कउने काम कै? अगर आप यहि गाँव से होइके जइहैं तौ आपका दीवार पै लिखा नजर आये। ई सारी चीज पढिके केतना अच्छा लागाथै न, पर अगर मनई सच मा जागरूक होय जाय तौ शायद बदलाव आय जाए।
मुसीर प्रधान प्रतिनिधि कै कहब बाय कि सरकार पूरे देश मा एक जन आन्दोलन एक अभियान छेड़ रखे अहैं अउर सब ग्राम पंचायत मा ई निर्देश दिया गा बाय की स्वच्छता का लइके विशेष पहल करै। तौ ग्राम पंचायत भी अपने स्तर से एक विशेष पहल करत बाय की कउनौ भी तरह से हमार जवन भारत स्वच्छता मिशन 2019 बाय ऊ सफल हुवय।
रेखा छात्रा जिला बाराबंकी कै कहब बाय कि घर पै लिखा रहै से जवन हमरे घर समाज कै पढ़ा-लिखा मनई अहैं वै आसानी से समझ जाथे की साफ-सफाई हमरे सबके ताई केतना अनिवार्य बाय। रूचि वर्मा जिला बाराबंकी कै कहब बाय कि स्लोगन से जवन बाय जब गेदहरै घर से बाहर जाथे जैसे उनके घर मा केहू बाय गाँव कै महिला पुरुष अक्सर शौच के ताई बाहर जाथे। शोषण के ताई कुछ हद तक हमारी महिलाएं भी जिम्मेदार अहैं। कुछ उनकै अशिक्षा कुछ अंधविशवास। आज भी हमरे समाज मा ऐसी पढ़ी लिखी लड़की अहैं। पढ़ी-लिखी हुवय के बावजूद भी उनका घर कै माहौल यतना दबाव भरा मिलाथै कि वै बाहर अपने मन कै बात नाय रख पउतिन। जेतना बड़े कहाथिन वतनै कै पावाथिन। अउर जवन लड़की आपन बात रखै मा सक्षम नाय होतिन उनही शोषण कै शिकार हुआथिन।
अक्षांस जिला बाराबंकी कै कहब बाय कि एसे सुरक्षित नाय अहैं कारण ई बाय की महिला लड़की के ऊपर आये दिन शोषण हुवत बाय। कानून व्यवस्था बिगड़ी बाय। संबिधान के बिपरीत काम हुवत बाय।
नीतू कै कहब बाय कि कउनौ असर नाय पड़ा बाय प्रधान या कउनौ सरकार हुवय हमका लागाथै कि सिर्फ अपने नाम के ताई कराथिन। उनके लिखावै से कुछ नाय हुवत।
प्रधान प्रतिनिधि मुसीर कै कहब बाय कि एकै एक बहुत बड़ा फायदा ई देखै का मिला बाय की हमार कोठी ग्रामसभा मा चौदह हजार कै आबादी बाय। बारह गाँव बाय। तमाम सड़क पै जानवर बाधत रहिन घूर लगाये रहिन यही तरीका से बड़े पैमाने पै जवान गंदगी देखै का मिलत रही अपील के जरिये से अउर स्वच्छता का लइके हम कइव बैठक किहेंन। वसे सब जागरूक होइके स्वच्छता का ध्यान मा रखत अहैं। सौ प्रतिशत तौ नाय कहि सकित लकिन सत्तर प्रतिशत स्वच्छ  भा बाय।

बाईलाइन-नसरीन

12/10/2017 को प्रकाशित