बाराबंकी जिले के त्रिवेदीगंज में बंजर जमीन पर कब्जा, रास्ता चलना हुआ मुश्किल

जिला बाराबंकी, तहसील हैदरगढ़, गाँव त्रिवेदीगंज। रिकार्ड मा बंजर दर्ज ई जमींन ग्रामीण न्युक्त बाय। सरकारी नियम के अनुसार  ग्रामीण भूमि का गाँव के उपयोग मा लगावा जाय सकाथै। यहि जमीन पै नाली, खडंजा, कुआं या विकास से जुडी अउर सुविधा कै प्रबंध करावै कै निर्णय प्रधान कै हुआथै। लकिन बुंदेलखंड मा नियम बनबै येही के ताई कराथै की वकै उलंघन हुवय।
कमरुद्दीन कै कहब बाय कि इधर से आवै के ताई मना कराथिन। कउनौ रास्ता नाय बाय किधर से जाई हमरे सब। एक महीना पहिले यका बंद कै दिहिन अउर पंद्रह दिन पहिले दूसर बंद कै दिहिन।रमकला कै कहब बाय की हमरे अजिया ससुर के आगे कै रास्ता आय बनी। अब नई आय बाबू अउर बाबादीन दुईनौ जने मिलके रोके अहें। पैसा लै दइके सब काम होय जाथै पैसा तौ बाय नाय की हमार सुनवाई हुवे।
विपक्षी बाबादीन रावत कै कहब बाय की जवन इनके सब रास्ता कै मांग करत अहैं । जबकि दूसरी तरफ से बाय रास्ता। आबादी के जमीन मा केहू कै लिखा-पढ़ी नाय हुवत। केहू कै मकान लिखा पढ़ी मा नाय बाय। करीब डेढ़ सौ साल हमार कब्जा बाय।प्रधान जी जवन सुलहनामा कराये अहैं वही सुलह नामा पै उनकै दसखत बाय।
प्रधान पै गाँव वाले कै आरोप बाय की वै बिक चूका अहैं। पूर्व लेखपाल बाइट दिये से मना कै दिहिन।अउर शमकालीन लेखपाल प्रीटी शुक्ला नई पोस्टिंग कहिके आपन पल्ला झाड़ लिहिन। नरगिस कै कहब बाय की प्रधान कहाथे की हम पैसा दइके हर विभाग खरीद लेहे हई हमार केहू कुछ न कै पाए।

बाईलाइन-नसरीन

26/10/2017 को प्रकाशित