बाद में केसे हो जात हें अपात्र?

उत्तर प्रदेश सरकार ने गरीब आदमियन खे लाने पांच सौ रुपइया को महीना मिले वाली समाजवादी  पेंशन योजना चलाई हे। जीखा 5 नवम्बर 2014 खा मुख्य मंत्री अखिलेश कुमार यादव ने उद्घाटन तो कर दओ हे, पे प्रदेश के गांव ओर शहरन में कित्ते पात्र ओर अपात्र आदमियन खा ई पेंशन योजना को लाभ मिले खा चाही। ईखो ध्यान कोनऊ अधिकारी नई देत आय, एई कारन से पात्र आदमी योजना के लाभ से वंचित रह जात हें।
हम बात करत हें महोबा जिला की जिते समाजवादी पेंशन योजना को सर्वे चार महीना से चलत हतो। जीमे सब आदमियन के नाम एक केती से लिखे गये पे जभे सूची बन के आई हे तो तमाम पात्र आदमियन के नाम सूची से कटे होत हें।
जिम्मेदार करमचारी जवाब देही के नाम पे जा कहके आपन पल्ला झाड़ देत हें कि ऊ आदमी पात्र नइयां।
अब सवाल जा उठत हे कि ऊ योजना को लाभ गरीबी रेखा के भीतर आये वाले आदमियन खा मिले खा हतो, तो फिर गरीब आदमी अपात्र केसे बन गओ हें? ई आदमियन की अपात्रता के पछांऊ सर्वे करें वाले करमचारियन की खाली जेब तो नई? जीखे भरे खे लाने पात्र खा अपात्र ओर अपात्र खा पात्र बना दओ जात हे। ईखी जानकारी प्रदेश सरकार खा अपने बड़े अधिकारियन से लेय खा चाही। तभई कोनऊ सरकारी योजना को लाभ पात्र आदमी तक पोंहोच पाहे।