बांदा जिले में मजदूरी के लिए गए युवक की हुई एक्सीडेंट से मौत, क्या था परदे के पीछे का राज़?

बांदा शहर के नुनियाँ मोहल्ले के एक मजदूर के मउत होइगे है। परिवार वालेन का आरोप है कि जउन मड़ई जबरजस्ती काम का लेवा गा रहै, वहिके खिलाफ कार्यवाही होय अउर उनका मुआवजा मिलै, ताकि जउन मजदूर के बच्चा हैं, वुई पल सकै। या घटना का लइके दरखास दिहिन हैं।

साला स्वतंत्र का कहब है कि राजूटाल वाला पुत्र शंकर, मोर बहनोई का जबरजस्ती सुबेरे बिना खाए पिए लेवा गा है। मोर बहनोई जात नहीं रहें आहीं, तौ वा कहत रहै कि अगर काम मा न चलिहें, तौ दूसर जघा काम ना करै देहूं। खराडा के पहिले एक्सीडेंट होइगा है, तौ अस्पताल तक नहीं पहुंचाइस आय। बस मोर बहनोई का एम्बुलेंस से घरै भेज दिहिस है। ना तौ देखें आवा आय अउर ना तौ गोली दवाई कराइस आय अउर ना तौ एक दरकी फोन कइके पता किहिस आय। जेत्ती देर से एक्सीडेंट भा है वोत्ती देर से दीखान नहीं आय। छह बजे उनके मउत होइगे है। पत्नी संयुक्ता बताइस है कि मोर मड़ई का अस्पताल मा भर्ती नहीं किहिस घरै भेज दिहिस है। जेहिसे घर से अस्पताल लावत समय उनके रास्ता मा मउत होइगे है।

एसपी बांदा की शालिनी का कहब है कि उनकर प्रार्थना पत्र मा लिख के दिहिन हैं। जेहिमा लिखा है कि उनकर मोहल्ले का कउनौ राजू नाम का मड़ई जउन मजदूरी के नाम मा बेटा का लेवा लइगा रहै। कार्यवाही के मांग करत हैं। यहिमा संबंधित चौकी इंचार्ज अउर अपर एसपी का कहे हौं कि जाँच कइके मोहिका एक रिपोर्ट देव।

रिपोर्टर: गीता

Published on May 28, 2018