बांदा जिले के तिंदवारी में नालियाँ है गन्दगी से फुल और प्रशासन फिर भी है चुप

बांदा जिला के तिंदवारी कस्बा मा एक साल से नाला अउर नाली के सफाई न होय से गंदगी के भरमार है। मड़ई दिन ब दिन बीमारी का शिकार होत हैं। प्रशासन हाथ मा हाथ धरे बैइठ है।

रामदयाल बताइस है कि बहुते दिन से गंदा है हिंया कउनौ सफाई नहीं करै आवत आय।

अजैन कुमार का कहब है कि हमार वार्ड ग्राम पंचायत हर्जन संख्या है। हिंया सफाई कर्मचारी के बहुते समस्या है। सफाईकर्मी के मांग कीन्हें हन, तौ प्रधान सुनतै नहीं आय। तीन सफाईकर्मी हैं, तौ कहां- कहां सफाई करै जाएँ। गंदगी के कारन मच्छर पैदा होत है जेहिके काटे से मलेरिया जइसे बीमारी होत हैं। जेहिका मलेरिया अउर डेंगू होई जात है, वहिका हिंया इलाज नहीं होत आय। यहै से मड़ई का कानपुर अउर लखनऊ जइसे जघा मा लई जायें का पड़त है। जगदास प्रसाद बताइस है कि नाला के सफाई कबहूँ नहीं भे आय। बुखार जुकाम जइसे बीमरी होई जात हैं। कइयौ दरकी सफाई के खातिर मांग कीन्हें हन, पै सुनवाई नहीं होत आय, तौ का करी?

राजेंद्र का कहब है कि हिंया माटी के घर हैं गिर जइहें, तौ अधिकारी के लगे जइत है, तौ अधिकारी कहत है कि या जमीन अइसीन आय पड़ी है, तौ हमार सुनवाई नहीं करत आहीं। प्रधान है वहौ नहीं सुनत आय।

चेयरमैन भूरेलाल का कहब है कि हमरे गांव मा जेसीबी नहीं आय, तौ ताला के सफाई नहीं होय पाई आय। पै अब ताला के सफाई कराई जई। वहिका कहीं दीन जई तौ वा साफ कई देई।   

रिपोर्टर: शिवदेवी

Published on May 14, 2018