बांदा जिले का मथना खेड़ा गांव हुआ सरकार की नजर में शौच मुक्त, गांव वाले अब भी जा रहे हैं खुले में

Published on Jul 19, 2017

जिला बांदा, ब्लाक बड़ोखर, गांव मथना खेड़ा स्वच्छ भारत मिशन के कोर्डिनेटर अखिलेश कुमार का कहब है कि 31 मार्च 2018 तक खुले मा शौच मुक्त करै का कहा गा है जेहिमा सात राजस्व ग्राम अउर दुइ ग्राम पंचायत का शामिल कीन गा है। सरकार मथना खेड़ा गांव का खुले मा शौच मुक्त गांव के घोषणा कइ दिहिस है। पै गांव जाके पता लाग कि हेंया अबै भी 20 प्रतिशत मड़इन बाहर शौचालय खातिर जात है।जिला बांदा, ब्लाक बड़ोखर, गांव मथना खेड़ा स्वच्छ भारत मिशन के कोर्डिनेटर अखिलेश कुमार का कहब है कि 31 मार्च 2018 तक खुले मा शौच मुक्त करै का कहा गा है जेहिमा सात राजस्व ग्राम अउर दुइ ग्राम पंचायत का शामिल कीन गा है। सरकार मथना खेड़ा गांव का खुले मा शौच मुक्त गांव के घोषणा कइ दिहिस है। पै गांव जाके पता लाग कि हेंया अबै भी 20 प्रतिशत मड़इन बाहर शौचालय खातिर जात है। तुलसी प्रसाद,रामप्यारी,राज प्रकाश अउर रमेश बताइन कि अबै भी बहुतै मड़ई बाहर शौचालय खातिर जात है। कुछ मड़इन के घर मा शौचालय नहीं बने आहीं। यहै कारन उंई बाहर जात हैं।  राजरानी बताइस कि हमार ससुर शौचालय बनवाइन रहै पै अब ख़राब पड़ा है यहै खातिर हमार परिवार के सबै मड़ई बाहर शौचालय खातिर जात है। शौचालय बाहर न जाओ के नारा लगावा जात है पै हमें एकौ शौचालय नहीं दीन गा आय। राजबहादुर बताइस कि हमार शौचालय बने 15 साल होइगे है अब वा ख़राब होइगा हो प्रधान बनवावे का भरोसा दिहिस रहै पै कुछौ नहीं करिस आय। धर्मेन्द्र बताइस कि 2011  मा अउर अबै जउन शौचालय बने है वहिमा बहुतै धांधली कीन गे है कुछ मड़इन का दुइ-दुइ शौचालय तौ कउनौ का एकौ शौचालय नहीं मिले आहीं। गांव मा 188 शौचालय बने है जेहिमा उंई शौचालय का भी जोड़ लीन गा है जउन 20 11 मा बने रहै अउर जउन मड़ई आपन निजी शौचालय बनवाइन है।  प्रधान राकेश बाबू का कहब है कि जबै शौचालय बनत रहै तौ कुछौ मड़ई बाहर रहत रहै यहै कारन उनकर शौचालय नहीं बना आय। वा समय ए.डी.ओ जांच करिन रहै तबै मड़इन के शौचालय बने है। तौ का यहै आय स्वच्छ भारत मिशन के तस्वीर।

रिपोर्टर- मीरा देवी