बांदा के महुआ ब्लॉक के गांव में मिलीं बौद्धकालीन समय की मूर्तियां

बांदा जिला, ब्लाक महुआ का नंदना गांव के लोगन का कहब है कि हिंया का तालाब हजारन साल पुराना है।
26 जून का तालाब के लगभग साढ़े तीन फुट खोदाई करैं मा बौद्ध-कालीन समय के मूर्ति मिली हैं। यहिके सूचना गांव के मड़ई पुरातत्व विभाग, एस.डी.एम. अउर डी.एम. का दिहिन। मूर्ति मिलै के कारन लोगन का मानब है कि या गांव राजा महारजन का रहा होई।
गांव के कुलदीप कुमार का कहब है कि 1979 मा सूखा परा रहै। तबै से तालाब सूखा रहै। यहिके बाद अबै फेर तालाब के खोदाई भे तो देवी जी का मंदिर देखै का मिला। हिंया तालाब मा चाहे जेत्ता पानी भर जाये,पै मूर्ति नहीं डूबत है। पहिले या मंदिर तरे रहै,पै अब अउर ऊपर आ गा है।
लालाराम कहत है कि हमार या गांव राजा महाराजा का है। या तालाब हजारन साल पुरान है। तालाब के खोदाई होय मा बौद्ध कालीन मूर्ति मिली है। साथै घोड़ा के नाल अउर हड्डी मिली हैं जउन कि इंसान के हड्डी हैं। अगर जानवरन के हड्डी होत तौ बड़ी हड्डी होत।
जयकर कुशवाहा का कहब है कि खोदाई मा मूर्ति मिलै के कारन मड़ई कहत हैं कि प्रधान का खजाना मिल गा है। वा खजाना धइ लिहिस है।
कन्वीनर इंटैक हारिस ज़मन का कहब है कि तालाब मा विचित्र मूर्ति मिली है। होआं बीस फुट नीचे चौड़ी दीवार है। वहिमा नौ बाई ग्यारह के ईंट मिली हैं। वा ईंट पाषाण कालीन है। उंई मूर्ति भारतीय संस्कृति के पुरान धरोहर हैं।
Published on Jul 1, 2016

बांदा के महुआ ब्लॉक के गांव में मिलीं बौद्धकालीन समय की मूर्तियां