बाँदा जिले के महुई गाँव में ठाकुर ने दलित लल्लू राम को गोलियों से भून दिया और परिवार को दी धमकियां

जिला बांदा, ब्लाक तिन्दवारी, गांव महुई हेया, 10 जनवरी 2017। देश में जाति व्यवस्था की जड़े इतनी गहरी हैं कि उच्च जातियां इसे बनाए रखने के लिए किसी की जान लेने से भी पीछे नहीं हटती हैं। ऐसी ही एक घटना 25 दिसम्बर 2016 को महुई हेया गांव में घटित हुई। इस गांव के दलित लल्लू प्रसाद ने ठाकुर विश्वराम सिंह के घर के बाहर लगे नीम से दातुन के लिए डाली तोड़ ली। इस बात पर विश्वराम भड़क गया और इस छोटे से विवाद में विश्वराम के बेटे रामलखन और शिवविलास ने लल्लू प्रसाद मारपीट भी करने लगे। वहीं ये बात जब लल्लू प्रसाद के घर में पता चली तो उसके परिवार के लोग भी आ गए। ये विवाद इतना बढ़ गया कि विश्वराम ने अपनी राइफल से चार फायरिंग की, जिसमें से दो लल्लू प्रसाद की कमर में लगी। इसके बाद लल्लू के परिवार वालों ने 100 नम्बर पर फोन कर पुलिस को बुलाया। पर आरोपी विश्वराम और उसके दोनों बेटे भाग निकले। गोली लगने के कारण लल्लू प्रसाद की मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पर लल्लू प्रसाद के परिवार को अब भी पूरे परिवार को मारने की धमकियां मिल रही है।  

इस तरह की घटना को उच्च जातियों द्वारा दलित समुदाय पर अपनी पकड़ बनाने के लिए आजमाया जाता है। मृत्तक के भाई राम किशोर रोते हुए कहते हैं, “मैंने अपने भाई को बचाने की बहुत कोशिश की, पर मैं बचा नहीं पाया। विश्वराम सिंह ने दो गोली उसकी कमर पर मार दी।”

गांव के प्रधान मलखे श्रीवास इस घटना पर कहते हैं, “इन लोगों का कोई पुराना विवाद नहीं था। पर दबंगाई दिखाने के लिए विश्वराम सिंह ने गोली मारी थी। अभी भी वे खून की होली खेलने की बात कहकर लल्लू के परिवार पर डर बना रहे हैं।”

वहीं लल्लू की भाभी सम्पत आरोपियों से अभी भी खतरा होने की बात कहती हैं। वह बताती हैं कि हमें लगातार धमकियां मिल रही हैं और वह चाहती हैं कि पुलिस उनके पति को सुरक्षा दे।

वहीं तिन्दवारी पुलिस ने आरोपी विश्वराम सिंह, रामलखन और शिवविलास को गिरफ्तार कर लिया हैं। पर इसके बावजूद भी लल्लू का परिवार दहशत में है।

रिपोर्टर- शिवदेवी 

Published on Jan 6, 2017