बाँदा जिले के अमलोर गाँव की महिलाएं पेंशन के इंतजार में परेशान

जिला बांदा, ब्लाक तिन्दवारी, गांव अमलोर हेंया के मेहरिया 3 महीना से तहसील मा चक्कर लगावत हवै। काहे से मेहरियन के पेंशन नही बनी आय। लेखपाल हर दरकी भरोसा दइ के लउटा देत है।
देवकली अउर माली का कहब है कि अबै तक हमार पेंशन नही बनीं आय। हम कइयौ दरकी प्रधान अउर लेखपाल से कहे हन, पै उंई नही सुनत आहीं। हम गरीब मेहरिया पेंशन खातिर परेशान हैं श्रीमाली का कहब है कि चार साल पहिले मोर मनसवा के मउत होइगे रहै पै अबै तक गांव का प्रधान मोर बेवा पेंशन नही बनाइस आय। कइयौ दरकी कहे हौं पै मोर सुनवाई नहीं होत आय।
सियादुलारी,राजकुमारी अउर सुखी बताइन कि दुइ महीना से लगातार हम तहसील के चक्कर काटित हन। कउनौ किराया लगा के आवत हैं, तौ कउनौ पैदल चल के आवत हैं। बार- बार मंगलवार का बुलावत हैं, पै पेंशन नहीं बनावत आहीं। हम गरीब मेहरिया पेंशन खातिर परेशान हन।
लेखपाल शिवनारायण मिश्रा का कहब है कि एक दुइ दिना मा सबका पेंशन मिल जई। मेहरिया परेशान न होय।

रिपोर्टर- शिवदेवी

13/01/2017 को प्रकाशित