बाँदा के बालू बाबा मोहनलाल बीस साल से बालू खा रहे हैं!

जिला बांदा क़स्बा अतर्रा गरीबी के कारन मड़इन का का –का करे का पड़त हैं। सरकार कइत से गरीबन खातिर येत्ती योजना लागु करैके बाद भी मड़इन का वहिकर लाभ नहीं मिलत है।
यहै कारन बांदा जिला के अतर्रा क़स्बा मा रहैं वाला मोहन लाल बीस साल से बालू खात हैं।
मोहन लाल बतावत है कि मोर उमर सत्तर साल हैं ।मैं 1995से बालू खात हो हमरे लगे कुछौ काम नही आय गरीबन खातिर येत्ती योजना बंट हैं ,पै हमै कउनौ लाभ नही मिलत आय। राशनकार्ड मा 35किलो गल्ला मिलत रहै।
पै वहिसे का होत है। अबै तक तै येत्ती ज्यादा बालू खा गये हो कि वहिमा से एक कमरा बन जात मै आउर मोर मेहरिया दुनौ जने रहित हन हम दिमागी रूप से बहुते कमजोर हन।काहे से हमार देखभाल करै वाला कोंऊ नहीं आय। सरकार भी हमार ध्यान नहीं देत आय।

रिपोर्टर-गीता देवी 

24/09/2016 को प्रकाशित