बशीरहाट दंगे: दंगों के बीच बनी है हिन्दू-मुस्लिम एकता

साभार: डेलीहंट

सोशल मीडिया पर एक नाबालिग द्वारा आपत्तिजनक पोस्ट लिखे जाने के बाद पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के बशीरहाट में जमकर हिंसा हुई। इन दंगो के बीच कुछ लोगों ने मानवता को बचा के रखा है और तमाम कटुताओं को भूलाकर नए सिरे से जिंदगी की शुरूआत करने की कोशिश कर रहे हैं।

इस दौरान मोहम्मद नूर इस्लाम गाजी नाम के एक व्यक्ति ने अपने साथ कई मुसलमानों को इकट्ठा किया और स्थानीय निवासी अजय पाल की पान बीड़ी की टुटी हुई दुकान के बाहर जमा हो गए। गाजी और अन्य मुसलमानों ने पाल से बातचीत की और उससे फिर से अपनी पान बीड़ी की दुकान खोलने की बात कही। उन्होंने पाल को समझाया कि वो उनसे 2 हजार रुपए ले ले और फिर से अपनी दुकान शुरु कर दें।

गाजी एक स्थानीय व्यापारी हैं। वे और अन्य मुसलमान अपने हिन्दू पड़ोसियों की मदद के लिए आगे आए हैं।

बता दें कि इस हिंसा में लगभग 100 घरों और दुकानों में तोड़फोड़ एवं लूटपाट की गई थी। मस्जिदपाड़ा के रहने वाले गाजी कहते हैं कि मेरे कई बचपन के साथी हैं जो कि हिन्दु हैं। इस हिंसा में उनको काफी नुकसान पहुंचा है इसलिए उनसे जो मदद बन पाएगी वो जरूर करेंगे।

वहीं इस हिंसा पर बात करते हुए अजय पाल ने कहा कि घटना में मैंने अपना काफी सामान खो दिया और 15 हजार रुपए लोग लूट कर ले गए। उन्होंने सारा सामान दुकान के बाहर निकाल कर फेंक दिया।

इसी तरह मस्जिदपाड़ा, भयाबला, छपाड़ा के रहने वाले मुस्लिम समाज के लोग आगे आकर हिन्दुओं की सहायता कर रहे हैं।