बरसात का पानी न निकरैं दें मा होय लड़ाई

रसोई मा भरत खपरैल का पानी
रसोई मा भरत खपरैल का पानी

जिला बांदा, ब्लाक बड़ोखर खुर्द, कस्बा मटौंध अउर नरैनी ब्लाक का गांव पौहार। ई दूनौ गांवन मा बरसात का पानी घर मा भरैं से मड़ई परेशान है। यहिसे लड़ाई भी होइगे है। मड़ई बदौसा अउर मटौंध थाना मा दरखास दिहिन हैं।
मटौंध के शियाप्यारी कहत है कि बीस साल पहिले मोर नाम पट्टा भा रहा है। या जमीन के मोरे पास कागज भी हैं। गाटा संख्या 109811 है। पड़ोसी रणधीर सिंह के मारे रहैं नहीं पावत आहूं। आपन घर का पानी मोरे घर के खपरैल से निकारत है। यहिसे मोर घर गिरत है। मटौंध थाना मा दरखास दीन हौं, पै कउनौ सुनवाई निहाय।

रणधीर सिहं का कहब है-“मोर पास भी जमीन के कागज हैं अउर या जमीन मा मुकदमा भी लाग है। मोर बत्तीस साल से घर बना है। या जमीन गांव समाज के रही है। अब शिवप्यारी वा जमीन मा घर बना लिहिस है। जउन मोरे घर के खपरहिले का पानी नहीं निकरैं देत आय। नरदा भी बन्द करै है। दिन भर पानी उलिचत हौं।” मटौंध थाना का मुंशी राजकुमार कहत है कि रणधीर सिंह का बुलावा जई अउर पानी खातिर रोका जई।

यहिनतान नरैनी ब्लाक का गांव पौहार के मुन्नी कहिस-“28 जून 2013 का जेठ का लड़का रामसेवक मोर घर का पानी नहीं निकरैं देत रहै। दारू पी के गाली गलौज मारपीट करत है। यहिसे घर मा पानी भरा है अउर घर गिरत  हैं। यहिसे बदौसा थाना मा रपट लिखाये हौं।” रामसेवक का कहब है कि मैं नहीं मारत आहूं अउर न गाली देत हौं। या झूठ बोलत है।

बदौसा थाना का दरोगा सुशील दत्त दीक्षित का कहब है कि यहिके सूचना लमेहटा चैकी मा भेज दीन गे है। अगर उंई न जइहैं तौ हम खुदै मा गांव जाब अउर जांच के बाद कारवाही करबे।

रसोई मा भरत खपरैल का पानी
रसोई मा भरत खपरैल का पानी