बन गे नई विद्यालय प्रबन्धन समिति

मीटिंग के बाद आपस मा बातचीत करत मड़ई
मीटिंग के बाद आपस मा बातचीत करत मड़ई

जिला बांदा, ब्लाक महुआ, गांव बड़ोखर बुजुर्ग। हेंया चार प्राथमिक विद्यालय अउर दुई पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। सबै विद्यालय मा विद्यालय प्रबन्धन समिति बनगे है। अब देखैं का है कि या समिति आपन काम मा केतना खरी उतरत है। काहे से पहिले बनाई गे समिति से कउनौ फायदा नहीं भा रहा आय।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय भाग दुई मा 4 सितम्बर 2013 का विद्यालय प्रबन्धन समिति बनाई गें। हेंया नोडल अधिकारी कुंवर पाल सिंह आये रहैं। प्राथमिक विद्यालय भाग एक मा नोडल अधिकारी प्रमोद द्विवेदी आये रहैं। विद्यालय प्रबन्धन समिति का चयन 26 अगस्त 2013 का कीन गा। यहिनतान प्राथमिक विद्यालय भाग दुई के समिति 2 सितम्बर 2013 का बनाई गे अउर नोडल अधिकारी रामदास सोनकर रहैं। सबै समितियन मा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव के साथै सदस्यन का चुना गा। समिति मा मेहरिया मनसवन के संख्या पचास-पचास प्रतिशत है। समिति के नियम के हिसाब से लेखपाल अउर ए.एन.एम. का भी जोड़ा गा। विद्यालय प्रबन्धन समिति बनाये कउनौ फायदा निहाय। पूर्व माध्यमिक विद्यालय भाग दुई के सहायक मास्टर सुधीर श्रीपाली कहत हंै कि सरकार का मकसद है कि गांव के लोगन का या समिति के जरिया स्कूल से जोड़ लीन जाय। जेहिसे स्कूल के व्यवस्था सुधर जाय। इनतान नहीं होई पावैं का आय। काहे से गांव दारी का मामला आय। कोऊ दुश्मनी नहीं लें चाहत आय। सब सरकार के काम के खानापूर्ति करब आय।
गांव के बाबू लाल बतावत हैं कि या समिति मा लोगन का जोड़ै से कउन फायदा। समिति मा नियम है कि पढ़ै वाले बच्चन के बाप महतारी मिड्डेमील देखैं स्कूल जा सकत है, पै देखैं जाय तौ स्कूल के मास्टर उल्टा इल्जाम लगा के फंसावै चाहत हंै। काहे से वार्ड सदस्य दशरथ 2 सितम्बर 2013 का प्राथमिक विद्यालय भाग एक मा खाना बनत देखैं गा। वहिका हेडमास्टर केशर पाल जहर मिलावैं का इल्जाम लगा के हंगामा ठाड़ कई दिहिस। जबै कि मामला के छानबीन के बाद दशरथ का छोड़ दीन गा है।