लस्सी बदनाम हुई, बांदा तेरे लिए!

जिला बांदा, कस्बा बांदा बाबूलाल चौराहा मा पचीस साल हालिम भाई के लस्सी के दुकान है।गर्मी के महीना मा हेंया लस्सी पिये वालेन के भीड़ देखात हवै। ग्राहक कहत है कि हेंया के लस्सी बहुतै नींक रहत है।जिला बांदा, कस्बा बांदा बाबूलाल चौराहा मा पचीस साल हालिम भाई के लस्सी के दुकान है।गर्मी के महीना मा हेंया लस्सी पिये वालेन के भीड़ देखात हवै। ग्राहक कहत है कि हेंया के लस्सी बहुतै नींक रहत है। लस्सी दुकान  मालिक  हालिम भाई का कहब है कि हमार दुकान मा लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर,सगले से मड़ई लस्सी पिये आवत हैं हम आपन दुकान का नाम मनोरंजन अउर चुटकुला जइसे हंसी मजाक वाला नाम महाबदनाम लस्सी रखा हैं।हम चाहित हन कि खाली नाम पढ़के मड़ई हेंया आवे अउर लस्सी पिये। हालिम भाई के बाप इस्लाम भाई बताइस कि हेंया रोज लगभग दुइ ढाई सौ लीटर दूध के दही विकत है।शक्कर बर्फ अउर दही का फ़िल्टर कइके लस्सी बनावा जात है। ग्राहक अली अहमद बताइस कि ठंडा से नींक लस्सी होत है हेंया के लस्सी बहुतै नींक रहत है।अजीत कुमार बताइस कि हेंया बहुतै दिना से लस्सी पिये आवत हौं।जउन चीज ज्यादा मशहूर होइ जात है तौ बदनाम होइ जात है।जइसे महाबदनाम लस्सी के दुकान होइ गे हैं।

रिपोर्टर- गीता देवी

 

12/06/2017 को प्रकाशित