बटला हाउस मामले में आरोपी को सज़ा

 

batla1नई दिल्ली। दिल्ली के जाने माने बटला हाउस भिड़ंत मामले में 29 जुलाई 2013 को यहां के एक सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया। मुख्य आरोपी शहज़ाद अहमद को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई हालांकि दिल्ली पुलिस ने मौत की सज़ा की मांग की थी।
19 सितंबर 2008 को पुलिस और पांच मुसलमान लड़कों के बीच मुठभेड़ हुई थी। पुलिस का कहना था कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार ये लड़के इंडियन मुजाहिद्दीन नाम के आतंकी गुट का हिस्सा थे। 13 सितंबर को दिल्ली में हुए बम धमाकों के लिए पुलिस को इन लड़कों पर शक था। दिल्ली के बटला हाउस में रह रहे इन लड़कों के साथ मुठभेड़ में पुलिस इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा और दो आतंकवादी माने जाने वाले लड़के मारे गए थे। दो और लड़कों को गिरफ्तार किया गया था और पुलिस के अनुसार दो लोग फरार थे। इनमें से शहज़ाद अहमद को घटना के दो साल बाद 2010 में उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ जिले से गिरफ्तार किया गया।
शहज़ाद पर पुलिस इंस्पेक्टर शर्मा की हत्या और दो पुलिस कौन्स्टेबल को घायल करने का आरोप है। जून 2013 में दिए गए बयान में शहज़ाद ने कहा था कि वो घटना के समय बटला हाउस में था ही नहीं। कुछ कार्यकर्ताओं ने भी घटना क्रम और कोई गवाह ना होने को लेकर इस घटना की वास्तविकता पर सवाल उठाए हैं।