बजट 2018: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पेश किया सरकार के कार्यकाल का आखिरी केंद्रीय बजट, किसानों को लुभाने पर है पूरा ध्यान

संसद में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट 2018 पेश कर रहे है। बजट 2018 वित्त मंत्री ने कहा कि अगले 3 साल में सरकार सभी क्षेत्रों में 70 लाख नई नौकरियां पैदा करेगी।
स्मार्ट सिटी के लिए 99 शहर चुने गए हैं। 100 स्मारकों को आर्दश बनाया जाएगा। धार्मिक पर्यटन शहरों के लिए हेरिटेज योजना बनाई जाएगी। नए कर्मचारियों के ईपीएफ(बचत) में सरकार 12 फीसदी देगी।
इस बार बजट 2018 में प्री नर्सरी से 12वीं तक सभी को शिक्षा देने पर जोर रहेगा। डिजिटल पढाई को बढ़ावा देने पर भी जोर। बजट 2018 में बच्चों को स्कूल तक पहुंचाना बड़ा लक्ष्य है। आदिवासियों के लिए एकलव्य विद्यालय बनाए जाएंगे। बडोदरा में रेलवे यूनिवर्सिटी बनेगी। स्कूलों में ब्लैक बोर्ड की जगह डिजिटल बोर्ड लगाए जाएंगे।
व्यापार शुरू करने के लिए मुद्रा योजना के लिए 3 लाख करोड़ रुपए का धन वहीं छोटे उद्योगों के लिए 3794 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
स्वास्थ्य सुधार केंद्र बनाने पर 1,200 करोड़ का धन और 10 करोड़ गरीब परिवारों मेडिकल(चिकित्सा) खर्च मिलेगा। हर परिवार को एक साल में 5 लाख का मेडिकल खर्च मिलेगा। देश की 40 फीसदी आबादी को सरकारी स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। 24 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।
2022 तक हर गरीब को घर देने का ऐलान किया। देश में 2 करोड़ शौचालय और बनाए जाएंगे। सभी फसलों का समर्थन मूल्य मिलेगा अभी कुछ ही फसलों का मिलता है। 4 करोड़ घरों में सौभाग्य बिजली योजना से कनेक्शन दिया जायेगा।
नया ग्रामीण बाजार नैम बनाने का ऐलान किया गया। खरीफ की फसल का समर्थन मूल्य उत्पादन की लागत से डेढ़ गुना है। आलू प्याज टमाटर के लिए ऑपरेशन ग्रीन(हरा आन्दोलन) आलू प्याज टमाटर के लिए 500 करोड़ रुपए मिलेंगे। किसान क्रेडिट कार्ड अब पशु पालकों को भी मिलेगा। 42 मेगा फूड पार्क बनाए जाएंगे।
जेटली ने कहा, हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे। अर्थव्यवस्था पटरी पर है। हम 2.5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था हैं। हमारा फोकस गांव के विकास पर होगा। सरकार ने पारदर्शी शासन दिया है।
मौजूदा अपडेट….
इस बार वित्त मंत्री पूरा बजट भाषण हिंदी में दें रहे हैं। मोदी सरकार के इस कार्यकाल का यह आखिरी पूर्ण आम बजट है।
बजट आने से पहले ही सेंसेक्स में 200 अंक की बढ़त हो गई है।
आयकर दरों में सरकार कोई बदलाव नहीं कर रही है
इस बार बजट की केवल 2,500 कॉपी ही छपी हैं। हर साल 8,000 कॉपी छापी जाती थीं। अनुमान है कि यह बजट मध्यम वर्ग को राहत देगा।
मेडिकल खर्च में छूट की सीमा 15 हजार से बढ़कर 40 हजार की गई.
-50 करोड़ लोगों को मिलेगी 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा
हर खेत को पानी, कृषि सिंचाई योजना के लिए 2600 करोड़ रुपए का ऐलान,1200 करोड़ बांस क्षेत्र के विकास के लिए राष्ट्रीय बांस मिशन, बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग किया जाएगा,खेती के लिए 10 लाख करोड़ का क्रेडिट कार्ड,किसानों को कम लागत में ज्यादा उपज की मदद, 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने का लक्ष्य, प्रधानमंत्री ग्रामीण विकास योजना का तीसरा दौर, स्कूलअस्पताल तक सड़क ले जाएंगे, गरीबोंमध्यवर्ग को होम लोन में राहत, महिला स्वसहायता समूहों को भी प्रोत्साहन और 8 करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन