बजट 2017- क्या है महिलाओं के लिए खास

साभार: विकिमेडिया कॉमन्स

केंद्र सरकार ने फरवरी 1 को नए वित्त वर्ष के बजट में महिला एवं बाल कल्याण के लिए 1.56 लाख करोड़ रुपये की राशि को बढ़ाकर 1.84 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की।
हालांकि बजट 2017 से यह उम्मीद की जा रही थी कि महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार कुछ न कुछ जरूर करेगी। लेकिन इस मामले में आम बजट 2017 फिसड्डी निकला। हालांकि महिला सशक्त‍िकरण पर सरकार ने अच्छा खासा आवंटन किया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि ‘सबका साथ सबका विकास’ लड़कियों और महिलाओं के साथ शुरू होता है और इसके लिए सरकार ग्रामीण स्तर पर 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों में महिला शक्ति केंद्र स्थापित करेगी, जिसके लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने ये भी कहा कि पिछले साल 31 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गर्भवती महिलाओं के लिए एक राष्ट्रव्यापी योजना की घोषणा की थी, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं के बैंक खातों में 6,000 रुपये सीधे जमा किए जाएंगे। पर यहाँ ये बात याद रखें कि जिस योजना को लागू करने की मोदी ने बात की वो कांग्रेस की मुख्य योजनाओं में से पहले ही थी।
महिलाओं को मिलेंगे यह लाभ…
-महिलाओं को सस्ता लोन देने के लिए नेशनल हाउसिंग बैंक को 20,000 करोड़ की राशि दी जाएगी। सस्ते घर उपलब्ध कराए जाएंगे।
-महिलाओं के कौशल विकास के लिए 1.84 लाख करोड़ रुपये आवंटित किये गये।
-महिला सशक्त‍िकरण महिला शक्त‍ि केंद्रों का उद्देश्य होगा। ग्रामीण स्तर महिला शक्त‍ि केंद्रो का सेटअप होगा। महिला सशक्त‍िकरण के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित हुए।
-प्रेग्नेंट महिलाओं के खाते में 6000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे।
-ग्रामीण इलाकों में सेनीटेशन के लिए आवंटित बजट को 42% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है।
-महिला और बाल विकास के लिए सरकार ने बढ़ाया आवंटन। 1.56 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.84 लाख करोड़ रुपये हुए आबंटित।
-बुजुर्गों के आधार कार्ड पर उनकी सेहत से संबंधित जानकारी भी होगी।