बजट खत्म, किसान भटकत

gav se kishan chek presani copyमहोबा जिला मे पिछले साल के खरीफ की फसल नुकसान को मुआवजा अभे लगभग ग्यारह करोड़ आओ हतो। जोन लगभग पूरो बट चुको हे। फिर भी छोटे कास्तकार फसल बरबादी के मुआवजा के लाने भटकत हे।
बुन्देलखण्ड किसानन यूनियन के मुन्ना माली, बिहारीलाल ओर शंकर लाल कहत हे की बुन्देलखण्ड को किसानन सूखा के कारन आधे से ज्यादा पलायन कर गओ हे। जोन मुआवाजा आओ हे ऊ सब लेखपालन ने अपनी मनमानी से बांटो हे। जीसे भ्रष्टाचार को भेट चढ़ गओ हे। जीसे किसान भुखमरी के कगार मे आ गओ हे।
डढ़हतमाफ को किसान श्रीपत कहत हे की सरकार छोटे कास्तकारन खा मुआवजा देत हे। पे मोये पास एक बीघा जमीन हे। जीखो मुआवजा नई मिलो। मे लेखपाल के बराबर चक्कर काटत हों। मोई पचहत्तर साल की उमर हो गई हे। आंखन से दिखात नइयां। दूसरेन से किराओ खर्चा लेके महोबा आउत हे।
कबरई को नत्थू बताउत की 18 डिसमिल हे। मे मुआवजा के लाने दस दइयां दरखास दई हे।
महोबा एस.डी.एम. सुशील प्रताप सिंह कहत हे की ग्यारह करोड़ रूपइया बजट आओ हतो, उत्तो बजट भेज दओ हे। लगभग नब्बे हजार रूपइया रेह गओ हे। जोन एक हफ्ता के भीतर सबके खाता मे रूपइया भेजो जेहे।

रिपोर्टर – श्यामकली, सुनीता प्रजापति