बचपन को सपना भओ पूरा

salni pradhan devgan puraजिला महोबा, ब्लाक पनवाड़ी, गांव देवगनपुरा। एते की प्रधान शालनी खगार हे। ऊ पेहले दइयां राजनीति मे आई हे। प्रधान शालनी खगार बताउत हे की ऊखो बचपन की इच्छा हती की ऊ समाज की सेवा कर सकेए ओर आज पूरी हो गई। कक्षा बारह तक पढ़ी हेए ईखे बाद शादी हो गई। जीसे ससुराल आ गई।
शालनी कहत हे की ससुराल मे अपने पति के काम मे हाथ बटांउत हती। परिवार ओर जनता के सहयोग से प्रधान बनी हे। ऊ खुद ब्लाक ओर अधिकारियन की मीटिंग मे शामिल होत हेए विकास के काम खा अगांऊ बढ़ाउत हे। ओरते अगांऊ आउत हे तो घर के पुरूष नई आउन देत हे। जभे की ओरत एक नईं दो परिवार चलाउत हे। अगर ओरत पढ़ी लिखी नइयां तो ऊ दो परिवार तो दूर खुद खा न सम्भाल पेहे। एई से बिटियन के पढ़ाई लिखाई मे कोनऊ रोक नईं लगायें खा चाही। मे जभे भी ओरतन के बीच बेठत हो तो सबसे एई से कहत हो की अपने हक खा जाने ओर अगांऊ बढ़े अपने लाने खुद लड़ाई लड़ने परहे। समाज ओरतन के लाने कभऊं अच्छो नईं सोचत हे। मे मीटिंग ओर काम कराउत हो तो मोये भी आदमी ताना देत हे। कहत हे की लड़का ओर आदमी हे फिर भी खुद से काम कराउत हे। में ई बातन खा ध्यान नई देत हो।