फैज़ाबाद और अयोध्या में चुनावी हलचल

फैज़ाबाद में इस बार के लोकसभा चुनाव के मौके पर लोगों की राय पूछी गई तो उनके एजेंडे में अयोध्या का राम मंदिर नहीं है। लोग चैबीसों घंटे पुलिस की तैनाती से ऊब चुके हैं। तो दूसरी तरफ फैजाबाद की जनता भी अब रोज रोज के सांप्रदायिक झड़पों और दंगों से तंग आ चुकी है। ग्रामीण जनता का कहना है कि योजनाएं शुरू करने से कुछ नहीं होता उन्हें लागू करना भी एजेंडे में होना चाहिए।

भाजपा के उम्मीदवार लल्लू सिंह पांच बार
विधायक रह चुके हैं। दो बार राज्य मंत्री। लेकिन कुछ विकास नहीं करवाया। अयोध्यावासी तो जेल भोग रहे हैं। बारह साल से ज्यादा हो गए पुलिस चैबीसों घंटे अयोध्या में तैनात रहती है।  
   अनुभव सिंह गुप्ता, अयोध्या

गुंडो का नहीं पुलिस का अड्डा बन गई है, अयोध्या। लड़कियां और औरतें तो पुलिस के डर के कारण निकलती नहीं।  
  मनीषा, अयोध्या (बदला नाम)

कम से कम ऐसी सरकार आए जो दंगे न करवाए। औरतों को सुरक्षा दे। जिसको देखो वही योनजाएं तो चला देता है। लेकिन लोगों तक वह पहुंच रही या नहीं इसकी किसी को फिक्र नहीं होती।
  श्रीमति,  ब्लाक पूराबाजार, गाँव जियनपुर

सरकार चाहें जिसकी हो बिजली पानी की दिक्कत बनी ही रहती है, किसी का ध्यान सबसे ज्यादा जरूरी इन बातों पर नहीं जाता।
  राजेश, ब्लाक मया, बाकर गंज,

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भाजपा उम्मीदवार लल्लू सिंह

भाजपा उम्मीदवार लल्लू सिंह से बातचीत  
भाजपा के उम्मीदवार से हुए सवाल जवाब हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या भाजपा के एजेंडे में विकास है? धर्मनिरपेक्षता-सब धर्मों को बराबर मानना है? या फिर मंदिर-मस्जिद।
सवाल – इस बार आपका एजेंडा क्या है?
जवाब-अयोध्या को एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना चाहते हैं। दूर-दूर से लोग यहां आएंगे तो जिले की आए बढ़ेगी।
सवाल-तो क्या अब रामजन्म भूमि का मुद्दा एजेंडे में नहीं है?
जवाब-नहीं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसला देर सबेर तो लागू होगा ही। मंदिर तो बनना ही है।
सवाल-अयोध्या को पर्यटन स्थल बनाने के अलावा और क्या करेंग?
जवाब-ग्रामीण महिलाओं के लिए शौचालय। बिजली, पानी।
सवाल-अगर ऐसा कोई फैसला आए जिसमें मंदिर की जगह मस्जिद बनाने की बात कही जाए तो?
जवाब- ऐसा हो ही नहीं सकता। अब तो मुसलमान भी मान चुके हैं कि वह रामजन्मभूमि है।
सवाल- गुजरात दंगों पर कुछ कहेंगे?
जवाब- दंगों को रोकने की जिम्मेदारी सरकार से ज्यादा प्रशासन की होती है।
सवाल-मौजूदा उत्तर प्रदेश सरकार के बारे में क्या कहेंगे? जैसा आपने ऊपर कहा तो फिर मुज़फ्फरनगर या प्रदेश में हुए दूसरे दंगों की ज़िम्मेदार भी सपा सरकार नहीं केवल प्रशासन है?
जवाब-ऐसा नहीं है। सरकार तो दोषी है ही। प्रशासन को सख्त रहने के आदेश देने चाहिए थे। गुनहगारों को पकड़ना चाहिए।
सवाल-गुजरात में सरकार ने प्रशासन को सख्त आदेश क्यों नहीं दिए थे?
जवाब-देखिए अब उसके बारे में मैं कुछ ज़्यादा जानता नहीं।