फुटबॉल के हीरो ‘मेसी’, अर्जेंटीना के हीरो नहीं बन पाए!

 

Lionel-messi

 

लियोनल मेसी पिछले एक दशक से फुटबॉल की दुनिया में छाए हुए हैं. 29 वर्षीय मेसी ने अपने खेल प्रदर्शन के द्वारा क्लब बार्सिलोना को कई खिताब दिलवाए हैं. उनके व्यक्तिगत कौशल का लोहा सभी मानते हैं लेकिन, अपने देश की जर्सी में खेलते हुए वे प्रशंसकों की सबसे बड़ी उम्मीद पूरी नहीं कर पाए.

‘कोपा अमेरिका कप’ के फाइनल में चिली की टीम ने 14 बार के चैंपियन अर्जेंटीना को पेनाल्टी शूट के जरिए 4-2 से हरा दिया. मेजबान चिली का कोपा अमेरिका कप जीतने का ख्वाब 100 साल में दूसरी बार पूरा हुआ है. अर्जेंटीना को यह लगातार दूसरी बार करारा झटका लगा क्योंकि वह पिछले 23 साल से कोई बड़ा खिताब नहीं जीत पाया है. साल 2014 विश्व कप के फाइनल में भी वह जर्मनी से हार गया था. अब कोपा अमेरिका में मिली हार ने अर्जेंटीना के कप्तान मेसी को फिर समीक्षकों की नजरों में ला कर खड़ा कर दिया है. हालांकि, यह मेसी के लिए भी कम तकलीफदेह नहीं था. इस मैच में पेनल्टी किक से चूकने के बाद इस महान खिलाड़ी ने नम आंखों से संन्यास की घोषणा कर दी. आलोचकों का दबे शब्दों में कहना था कि मेसी फुटबॉल के हीरो हो सकते हैं लेकिन इस मैच के बाद शायद अर्जेंटीना के हीरो न रह पाएं.

हालांकि मेसी ने पिछले फीफा विश्व कप में अर्जेंटीना को फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी. फाइनल तक के सफर में उन्होंने चार मैन ऑफ द मैच पुरस्कार हासिल किए. यहां तक कि उन्हें गोल्डन बॉल का अवार्ड भी मिला, लेकिन वे अपनी टीम को विश्व कप ट्रॉफी नहीं दिला पाए.

लेख साभार :  प्रियांशु / द वायर (http://thewire.in/46459/lionel-messi-the-worlds-hero-who-wasnt-always-argentinas-hero/ )