फिर भी सूखे पड़े तालाब

DSC02495

जिला बांदा। ‘जल बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान 2013- 2023 में मनरेगा के तहत बांदा जिला के चार सौ सैतिस ग्राम पंचायतों के दो हजार सात सौ आठ तालाबों में से एक हजार सात सौ बत्तीस तालाबों को योजना में लिया गया है। लेकिन ये काम कागजों में ही हो रहा है, जमीनी स्तर पर अभी भी सूखे हैं, तालाब।
नरैनी गांव पड़मई के लाला और बउरा ने बताया कि गांव में तीन तालाब हैं, जो गन्दे पड़े हैं। हटका नाम का तालाब आठ बिगहा, लेहड़ा तालाब ग्यारह बिगहा, और जगमन तालाब छह बिगहा में है। इन तालाबों की सफाई हो जाये तो पानी की कमी दूर हो सकती है। ब्लाक महुआ, गांव बनसखा के चिन्ता, तारा और सूरजदीन का कहना है कि यहां छह तालाब है। लेकिन पानी नहीं है। प्रधान से कई बार कहा है कि वह तालाब भरवा दें। प्रधान राज कुमार ने बताया कि तालाबों में पानी भरने का काम जल्दी शुरू होगा। बी.डी.ओ. महुआ अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधान कि जिम्मेदारी है कि वह मनरेगा के बजट से तालाबों में पानी भरवाये। तिन्दवारी में भी अक्टूबर से 4 तालाब सूखे पडे़ हैं। प्रधान दर्शन लाल बताते हैं कि जो तालाब सूखे हैं उनमें पानी भरा दिया जायेगा। ‘जल बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान 2013-2023 को जिले का परियोजना निदेशक विभाग देख रहा है। परियोजना निदेशक अधिकारी अजितेन्द्र नारायण मिश्र का कहना है कि तालाबों में पानी भरने का काम शुरू हो गया है। जल्दी ही लोंगों को पानी मिलेगा।