फिर आम जनता की कौन सुनेगा?

dharnaजिला लखनऊ। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह के खिलाफ जुलाई में एफ. आई. आर. दर्ज की गई। ये एफ आई आर आई पी एस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने दर्ज की थी। उनका आरोप है कि मुलायम सिंह ने फोन पर उन्हें धमकी दी। लेकिन उस मामले में मुलायम सिंह को 31 अक्टूबर को बरी कर दिया गया। जिसके विरोध में अमिताभ 1 नवम्बर को हजरतगंज में धरना दिया। इस मुद्दे पर खबर लहरिया की पत्रकार ने अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नुतन ठाकुर से बात-चीत की।
सवाल- ये मुद्दा क्या था?
जवाब- मेरी पत्नी नूतन ठाकुर एक समाज सेवी है उन्होंने खनन मंत्री गायत्री प्रजापती के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज की थी। उस मामले को तीन दिन में ही रफादफा कर दिया गया और मुझे और मेरी पत्नी को परेशान करने का कोई मौका नहीं छोड़ा।
सवाल- आप इस मुद्दे को कैसे देख रहे हैं?
जवाब- कोई भी आदमी अगर सच बोलता है उसे इस तरह नंगा कर दिया जाता है कि कोई दुबारा आवाज न उठा सके। मैं तो एक अधिकारी हूं जिसे आवाज उठाने पर ये हाल है, तो ये आप सोच सकते है कि आम जनता का क्या होगा। पूरी तरह से यूपी में जंगल राज चल रहा है। जहां सत्ता के खिलाफ किसी को आवाज उठाने की आजादी नहीं है।
सवाल-क्या आपके पास इस मामले के अलावा भी कोई और उदाहरण हैं?
जवाब- अलिगंज के कौशिक ने भूमाफिया के खिलाफ आवाज उठाई उन्हें परेशान किया गया। राजकुमार राय ने आवाज उठाई तो उसे गोली मार दी गई। लखनऊ के अनूप गुप्ता पत्रकार हैं,उन्होंने  नवनीत सयगल जो ताकतवर आई.ए.एस. अफसर हैं, उनके खिलाफ आवाज उठाई, उनकी मैगजीन का लाइसेंस रद्द कर दिया गया।