फर्जी खबरों का अब बजेगा बैंड: दुनिया के नेताओं के बीच बैठे हुए पीएम मोदी की फोटोशॉप तस्वीर वायरल

 

 

फेक न्यूज़ का खुलासा करने वाली वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ के साथ हमारी पार्टनरशिप शुरू! देखते रहिए और पढ़ते रहिए, किस तरह से फ़र्ज़ी ख़बरों का बजेगा बैंड!

 

 

“Friends जरा इस फोटो को गौर से देखिये, भारत के इतिहास में क्या यह दृश्य देखने को आपकी आँखें तरस गई होंगी।”

इस सन्देश के साथ एक तस्वीर JAY MODIRAJ (जय मोदीराज) नामक फेसबुक पेज ने पोस्ट किया है। इस पेज के 12 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक इस पोस्ट को 8600 से ज्यादा बार लाइक और 5000 से ज्यादा बार शेयर किया गया है। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया के प्रमुख नेताओं के बीच बैठे हुए देखा जा सकता है।

यह नई तस्वीर नहीं है

इन्हीं शब्दों के साथ एक फेसबुक यूजर ने यह तस्वीर 26 अप्रैल, 2018 को पोस्ट किया था जिसे इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक 58,000 से ज्यादा बार शेयर किया गया है।

“आप देख रहे है अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पे भारत की इज्जत को चार चाँद लगा दिए मोदीजी ने उनको सादर नमन: और जिनको मिर्ची लगी हो वो कृपा इस पोस्ट से दूर रहे।” इन शब्दों के साथ इसी तस्वीर को 16 जुलाई, 2017 को भी पोस्ट किया गया था जिसे 38000 से ज्यादा बार शेयर किया गया है।

एक ऐसी ही तस्वीर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भी है

ऑल्ट न्यूज़ ने जब गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया तो 11 जुलाई, 2017 की बिज़नेस इनसाइडर के रिपोर्ट में “ट्रम्प और दूसरे कई नेताओं का पुतिन को घूरते हुए एक तस्वीर वायरल, लेकिन यह फर्जी है” शीर्षक से यह तस्वीर मिली। इस लेख में लिखा है, “रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तस्वीर सोशल मीडिया पर फ़ैल रही है जिसमें पुतिन गंभीर मुद्रा में दिख रहे हैं और कई नेता उन्हें इस तरह देख रहे हैं जैसे कि वो कुछ गंभीर बात कह रहे हो।”

Photo courtesy: Business Insider

इसी तस्वीर के एक अन्य रूप में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन हैं

सच क्या है?

बिजनेस इनसाइडर लेख के अनुसार अमेरिकी फोटो एजेंसी गेट्टी इमेज के लिए फोटोग्राफर, कायहान ओज़र ने यह असली तस्वीर ली थी। इस तस्वीर में हैम्बर्ग, जर्मनी में 07 जुलाई, 2017 को जी20 के शिखर सम्मेलन में एक सत्र के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगान (दाहिने तरफ), अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (बायीं ओर) के साथ बातचीत करते हुए, साथ में तुर्की के विदेश मामलों के मंत्री मेकुट कैवसुग्लू (दाहिने तरफ दूसरे) हैं।

Photo Courtesy: Getty Images

तस्वीरों के साथ छेड़-छाड़ करना गलत जानकारी फैलाने का सबसे आसान तरीका है। अक्सर पहले से ही पूर्वाग्रह से भड़े लोग इन फोटोशॉप की हुई तस्वीरों को सच मान लेते हैं। सोशल मीडिया पर किसी भी वायरल तस्वीर का सच एक आसान सा गूगल रिवर्स इमेज सर्च से पता लगाया जा सकता है।

साभार: ऑल्ट न्यूज़