फर्जी खबरों का अब बजेगा बैंड: दुर्गा वाहिनी के सदस्य ने पाकिस्तानी कुस्तीबाज को पीटा: पुराने विडियो द्वारा झूठा दावा

 

 

फेक न्यूज़ का खुलासा करने वाली वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ के साथ हमारी पार्टनरशिप शुरू! देखते रहिए और पढ़ते रहिए, किस तरह से फ़र्ज़ी ख़बरों का बजेगा बैंड!

 

 

“मुम्बई मे एक पाकिस्तानी लेडीज फ्रीस्टाइल कुस्तीबाज महिला रिंग मे खडे हो कर भारतीय महिला ओ को गाली देते हुये रिग मे आने के लिये चैलेन्ज करने लगी इसके चैलेन्ज को स्वीकार करते हुये RSS की दुर्गा वाहिनी की महिला संन्ध्या फडके नाम की महिला रिंग मे उतर कर आई आगे क्या हुआ इस वीडियो मे आप खुद देखे 👇”

इस संदेश के साथ एक विडियो है जिसमें एक महिला कुस्तीबाज को दर्शकों की भीड़ को खुली चुनौती देते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद भगवा रंग की सलवार कमीज़ पहने एक महिला यह चुनौती स्वीकार करती है और उससे लड़ने के लिए रिंग में प्रवेश करती है। कुस्तीबाज पहली बार में ही उस महिला को एक कोने में फेंक देती है लेकिन फिर वह महिला उठती है और उस कुस्तीबाज को इस तरह पीटती है कि कुछ पुरुषों द्वारा उसे छुड़ाया जाता है।

नमो इंडिया क्लब नामक पेज ने यह विडियो इन शब्दों के साथ 19 जून को शेयर किया है जिसे अबतक 80000 से ज्यादा बार देखा जा चूका है। इस पेज के 11 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

यह संदेश पर्सनल यूजर्स द्वारा शेयर किया जा रहा है, साथ ही यह व्हात्सप्प पर भी फ़ैल रहा है।

एक ट्विटर यूजर आनंद ने भी इसी संदेश के साथ यह विडियो शेयर किया है।

सच क्या है?

ऑल्ट न्यूज़ ने एक साल पहले ही इस विडियो की सच्चाई बताई थी। उस समय भी यह विडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैलाया जा रहा था। विडियो में दिख रही कुस्तीबाज पाकिस्तान की नहीं बल्कि भारतीय है। उनका नाम बीबी बुलबुल है। वह भारत की पहली पेशेवर रेसलर है। भगवा रंग की सलवार कमीज़ में दिख रही महिला का नाम कविता देवी है। देवी मिक्स्ड मार्शल आर्टस (MMA-Mixed Martial Arts) की फाइटर और हरयाणा की पूर्व वेट लिफ्टर हैं। उन्होंने हाल ही में इतिहास बनाया जब वह डब्ल्यूडब्ल्यूई (WWE) में शामिल होने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी।

मुंबई नहीं यह जालंधर है

द न्यूज़ मिनट की एक रिपोर्ट के अनुसार जालंधर में 2016 में कॉन्टिनेंटल रेसलिंग एंटरटेनमेंट द्वारा यह आयोजित किया गया था। सीडब्ल्यूई (CWE) एक भारतीय प्रोफेशनल कुश्ती प्रशिक्षण अकादमी है जिसे भारतीय-अमेरिकी प्रोफेशनल पहलवान द ग्रेट खली ने स्थापित किया है। सीडब्ल्यूई के यूट्यूब चैनल पर वही वीडियो देखा जा सकता है। अमर उजाला ने भी इस खबर को रिपोर्ट किया था। इसके अलावा दुर्गा वाहिनी विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की महिला शाखा है नाकि आरएसएस की, जैसा इस वायरल पोस्ट में दावा किया गया है।

अक्सर यह देखा जाता है कि राष्ट्रवाद नकली खबर फ़ैलाने वालों का पसंदीदा विषय होता है जो तस्वीरों या विडियो के माध्यम से लोगों की भावनाओं को उत्तेजित करना चाहते हैं। यह एक और ऐसा उदाहरण है जिसमें मनोरंजन के लिए बनाए गए प्रतिस्पर्धा के इस विडियो को राष्ट्रवाद का मोड़ दिया गया है।

साभार: ऑल्ट न्यूज़