प्रेम विवाह में उमर बनल अड़चन

जिला वाराणसी, ब्लाक काशी विद्यापीठ, गांव नगवा। इहां रहे वाली पिंकी आपन बियाह तीन महीना पहिले शिवाला में रहे वाले दीपू से कइले रहलिन। जवन कि इ बियाह पिंकी आउर दीपू अपने मन पसन्द से कइले रहलन। लेकिन माइके वाले पिंकी के नाबालिग बता के दीपू पे केस कर देहले हयन।

पिंकी के कहब हव कि इ बियाह के दीपू के घर वाले त मंजूर कर लेहले हयन। लेकिन हमार पिता नत्थू राम आउर माई मुन्नी देवी इ बियाह नाहीं मंजूर करत हयन। काहे से कि हमनी के जाति अलग हव। एही वजह से हमार माई बाउ दीपू के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा देहलन कि दीपू हमसे ज़बरदस्ती बियाह कइले हयन। लेकिन अइसन कउनों बात नाहीं हव हम अपने मर्ज़ी से बियाह कइले हई।

पिंकी के पास कउनों उमर के प्रमाण पत्र नाहीं हव। एही वजह से लंका थाने के होमगार्ड देवकान्त तिवारी पिंकी के मेडिकल करवावे खातिर ले गएल रहलन। एनकर कहब हव कि मेडिकल करवइले से लइका आउर लइकी के उमर पता चल जाई कि बालिग हयन की नाहीं। रिपोर्ट अइले पर अगर रिपोर्ट सही रही तो पिंकी के बयान के बाद दीपू के छोड़ दीहल जाई।