प्रधानमंत्री महिला शक्ति योजना को मिली मंज़ूरी

साभार : नरेन्द्र मोदी फेसबुक पेज

महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर सरकार ने आंगनवाड़ी केंद्रों की तरह देश के 115 पिछड़े जिलों में प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र खोलने को मंजूरी दे दी है। इन केंद्रों के जरिए महिलाओं को केंद्र सरकार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए इन केंद्रों में स्वेच्छा से काम करने वाले विद्यार्थियों को भी जोड़ा जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 22 नवम्बर को आयोजित कैबिनेट और आर्थिक मामलों पर गठित मंत्रीमंडल समिति की बैठक में इस योजना को मंजूरी दे दी गई।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ योजना को विस्तार देने का यह प्रस्ताव 161 जिलों से मिल रही प्रतिक्रियाओं के बाद दिया था। जहां योजना मौजूदा समय में चल रही है।
मंत्रालय का कहना था कि इस योजना से इन सभी जिलों में बच्चों के लिंगानुपात को समान करने और महिलाओं की पढ़ाई में काफी मदद मिल रही है। इसके साथ ही कैबिनेट ने बेटी पढ़ाओंबेटी बचाओ योजना के लिए करीब 1132 करोड़ की राशि भी स्वीकृत कर दी है।
योजना के अंतर्गत सबसे पहले उन जिलों में इसे लागू किया जायेगा जहां शिशु लिंगानुपात दर काफी कम है।
इन केंद्रों की शुरुआत देश के 115 अति पिछड़े जिलों से होगी। जो जिला स्तर से लेकर ब्लाक स्तर तक खोले जाएंगे।इसके अलावा हिंसा से जूझ रही महिलाओं की मदद के लिए देश के 150 जिलों में एकल सुरक्षा मदद केंद्र भी खोले जायेंगे जिन्हें महिला हेल्पलाइन से जोड़ा जाएगा। यहाँ हिंसा से जूझ रही महिलाओं को 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
इन सभी योजनाओं की समीक्षा और उन्हें सुचारू रूप से चलाने के लिए राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर एक कार्यबल भी गठित करने को मंजूरी दे दी गई है।