प्यार के त्यौहार पर बुंदेली स्टाइल में इश्क लड़ाए!  

वैलेंटाइन डे मनाना है तो हमारी ये ख़ास बुंदेली गानों की सूची ज़रूर सुने!

बसंत का मौसम है 

फूल खिलखिलाने लगे हैं 

हवा भी मस्ती में झूम रही है 

प्यार के इस मौसम में कुछ बुंदेली गानों के संग हम भी झूम लें 

लाली ललितपुर की, पाली के पान 

बाँदा की बिंदी और झांसी के झाला 

और मऊ की मोतियों की माला 

प्यार के इस गाने ने पूरे बुंदेलखंड को समेट लिया है 

तभी तो होठों पर इतनी लाली छाई है! 

यह गाना और इसके अलफ़ाज़ ख़ास उनके लिए 

जो सोचते हैं प्यार विदेशी संस्कृति का हिस्सा है! 

कहाँ बिताई सारी रात, सच्ची बोलो राजा!

ज़ुल्फ़ें बिखरी हुई, जाली का कुरता पसीने से भींगा 

और दिल की धड़कनें थमने का नाम नहीं ले रहीं 

मौसम इतना बेईमान है 

तो सरसों के खेत में रात बिताने से बेहतर क्या हो सकता है?

और हसीन साथ भी हो क्या बात है! 

शायद समाज के ठेकेदारों ने यह बरसों पुराना गाना नहीं सुना 

तभी वे प्यार को चार दिन की चांदनी कह रहे हैं 

अरे, अँधेरी रात में खेतों में प्यार करके तो देखो! 

नथुनिया हाले अउरी रहे जाए 

खेत में बोवाई हो रही है 

और रोज़ का काम चल रहा है 

इसी के बीच प्यार खिल रहा है 

खेती -किसानी – दाई – बाबा 

काम के दौरान सबका प्यार रंग ला रहा है 

ये देहात की बात है, विदेश की नहीं!

बालम छोटे से, हलके से 

सोच के ही लाज आ जाती है 

मैं पानी भरने जाऊं, मेले या रैली में जाऊं

बालम हर जगह साथ रहते हैं 

इस प्यार में न उम्र की सीमा है, न ही समय और जगह की 

बालम की तरह से प्यार भी हर जगह मौजूद है 

कहीं आप उम्र और जगह की दुहाई देकर प्यार से कतरा तो नहीं रहे

सैयां मोरे गोरे, मैं काली बदरिया 

मैं सोने की थाली, सोने के गिलास और सुन्दर सेज सजाती हूँ 

और सैयां की नज़र हर समय मुझपर ही है 

किसी ने कहा था कि लड़का भला काला हो, लड़की को गोरा होना चाहिए 

प्यार अँधा होता है, ये बात वह शायद जानते नहीं  

यूट्यूब विडियो साभार: एजेंट्स ऑफ़ इश्क