पूर्व प्रधान थे तब मिलता था, अब राशन मांगने पर सिर्फ बेईज्ज़ती मिलती है, फैजाबाद के समदा गांव में

जिला फैजाबाद, ब्लाक मया, ग्रामसभा समदा के वनराजा बस्ती के मनइन के पास राशन कार्ड होते हुए भी उनका राशन नाय मिलत बाय। हिंया के मनई आपन जीविका मजदूरी से गुजाराथिन। इनके सबकै आरोप बाय कि जबसे नया प्रधान आये के बाद से ही राशन बंद भा बाय।जिला फैजाबाद, ब्लाक मया, ग्रामसभा समदा समदा गांव के वनराजा बस्ती के मनइन के पास राशन कार्ड होते हुए भी उनका राशन नाय मिलत बाय। हिंया के मनई आपन जीविका मजदूरी से गुजाराथिन। इनके सबकै आरोप बाय कि जबसे नया प्रधान आये के बाद से ही राशन बंद भा बाय। राममिलन कै कहब बाय कि हमरे पास कउनौ व्यवसाय नाय बाय दुसरे के खेत मा काम करीथी। अगर दुसरे के घरे मजदूरी न करी तौ खाय का न मिलै। जेकरे पास खेती बाय वही कै अन्तोदय राशन कार्ड भी बना बाय अउर जेकरे पास कुछ भी नाय बाय वकरे पास सिर्फ तेल वाला कार्ड बाय। हमरे पास पीला कार्ड बाय वका बदलै के ताई कइव बार कोशिस करेन लकिन घूस जैसे भ्रष्टाचार के कारण कुछ नाय होय पावत बाय। बसकला कै कहब बाय कि कबहूँ राशन लियै जाईथी तौ अपमानित कइके भगाय दियाथिन। जीविका चलावै के ताई दूसरे के खेत मा मजदूरी करीथी।  राम मिलन कै कहब बाय की सुबराती के प्रधानी मा राशन मिलत रहा लकिन जबसे नया प्रधान भये तबसे राशन बंद होइगा। इन्द्रभान वर्मा बरिष्ट लिपिक सहायक खाद्य विभाग कै कहब बाय कि टीम जांच मा लगाईं गए बाय। जहां मनई छूट बाटे अपात्र का हटाय के पात्र कै चयन कै जाये। 30 जून तक येहि प्रक्रिया का पूरा करै का बाय।  अब देखै का ई बाय कि का सर्वे एसेन परिवार के मदद करै मा कारगर साबित होये। या फिर अधिकार मिले अपने अधिकार का हासिल करै का।

रिपोर्टर- संगीता

09/06/2017 को प्रकाशित