पुलिस तक पहुंचा गाली गलौज अउर मारपीट का मामला

महतारी नानी के साथै एकता
महतारी नानी के साथै एकता

जिला बांदा। बांदा शहर का छाबी तालाब, बबेरू ब्लाक का गांव इंगुवारी अउर ब्लाक तिन्दवारी गांव जसईपुर। छाबी तालाब के एकता, इंगुवारी गांव के मीरा देवी अउर जसईपुर के सरोज ससुराल वालेन के मारे रहैं नहीं पावत आय। उंई पुलिस का दरखास भी दिहिन हैं, पै अबै कारवाही नहीं भे आय।
एकता कहत है – ’10 सितम्बर 2014 का अपर एस.पी. रामस्वरूप का दरखास दीने हौं। मोर मनसवा परदेश मा है। मैं आपन घर मा जेठ राजू, जेठानी बेसनिया अउर भतीज रामदास के मारे नहीं रहैं पउंती आहूं। जेठ अउर भतीज मोर घर के दुवारे मा चार लोगन के साथै दारू पी के रोज गाली गलौज करत है। मोर बाप महतारी गे रहै तौ उनका गाली गलौज अउर मारपीट करिन। 9 सितम्बर रात दस बजे जेठ दारू पी के दरवाजा खटखटाइस। मैं दरवाजा खोलेंव तौ जेठ अउर जेठानी घर मा घुस आये। मैं विरोध करेंव तौ मोरे साथै बहुतै मारपीट करिन। मोर गोहार सुन के मोहल्ला वाले बीच बचाव करिन तबै मोर जान बची है। मैं यहिसे छुटकारा पावैं अउर नियाव पावैं खातिर पुलिस के लगे आई हौं।’ राजू कहिस कि एकता झूठ आरोप लगावत है। यहिके साथै कउनौतान के मारपीट गाली गलौज नहीं भे आय। अपर. एस.पी. कहिन कि अबै तौ दरखास आई है। पुलिस भेज के जांच कीन जई। जांच के हिसाब से कारवाही होई।
दूसर मामला मा मीरा देवी बतावत है – ‘देवर राम बाबू दुई साल से घर मा रहैं नहीं देत आय। कहत है कि घर से निकर। मोहिका अउर मोरे चार बच्चन का दारू पी के मारपीट गाली गलौज करत है। रात भर दरवाजा खटखटावत है। या सब मोरे मनसवा के न रहैं मा इनतान करत है। तबै मैं 8 सितम्बर 2014 का मर्का थाना मा दरखास दीने हां।’ राम बाबू कहत है कि मोरे हिस्सा के घर का निस्तार न करै। निस्तार करैं का मना करत हौं तौ दारू पी के मारपीट का आरोप लगावत है। मर्का थाना का मुंशी सिद्दकी अहमद कहिन कि या दरखास हमरे लगे आई है। जांच कइके कारवाही कीन जई।

तीसर मामला मा सरोज बतावत है-“जेठ रामदेव का लड़का गंगा खूबै दारू पी के गाली गलौज करत है। मोर बिटियन का भी गाली देत है। या सब हिस्सा बांट का लइके इनतान के हरकत करत है। मैं 5 सितम्बर 2014 का तिन्दवारी थाना मा गंगा के खिलाफ रपट लिखाये हौं।” जेठ राम देव का लड़का गंगा कहिस कि मैं गाली गलौज नहीं करत हौं। इं खुदै मोहिका गाली गलौज करत हैं। तिन्दवारी थाना का मुंशी हरबंश लाल का कहब है कि दूनौ पक्ष का समझउता करवा दीन है। अगर फेर से लड़ाई करिहैं तौ कारवाही कीन जई।