पुलिस के कारवाही न करैं के मजबूरी

b MAHILA MUDDAजिला बांदा, थाना गिरवां, कस्बा गिरवां। हेंया के मुन्नालाल गुप्ता के नाबालिग लड़की का अता पता पुलिस आज तक नहीं लगा पाइस। लड़की अपहरण के रपट गिरवां थाना मा 28 मई 2014 का लिखी गे रहै। जेहिमा धारा 363 अउर 366 लाग है। मुकदमा संख्या 31। 2014 है। 2 नवम्बर 2015 का एस.पी. का दरखास दइके कारवाही के मांग कीन गे है।
मुन्नालाल के औरत राधा का कहब है-“मोर लड़की का अपहरण 6 फरवरी 2014 का दोपहर दुई बजे भा रहै। तबै वा पन्द्रह साल दुई महीना के रहै। मैं लड़की के अपहरण करैं वाले के नाम जद (आरती, ऐराज खां, सविता, अयूब खां, राजू खां मिल के आशू गुप्ता के साथैं गायब कई दिहिन हैं। रपट लिखाई, पै गिरवां थाना पुलिस आरती अउर मेराज खां के खिलाफ मुकदमा लिख के बाकी लोगन का छोड़ दिहिन। उंई छूटे लोग रात दिन राजी न होय मा जान से मारैं के धमकी देत हैं। तब से थाना, एस.पी.अउर डी.आई.जी.,मण्डलायुक्त लखनऊ पुलिस विभाग, दिल्ली पुलिस, विभाग, महिला आयोग समेत दरखास के ऊपर दरखास लगायेंव। आमरण अनशन करेवं, पै पुलिस के जान बूझ के कारवाही न करें से लड़की का अता पता नहीं चला। न जाने की लड़की के हत्या कई दिहिन कि जिंदा है। पुलिस के ऊपर भी कारवाही न करैं का दबाव है। काहे से या मामला मा सपा पार्टी के लोग भी शामिल हैं। बांदा जिला का सपा पार्टी का जिला अध्यक्ष का बहुतै बड़ा हाथ हैं। कारवाही न होय दें मा। ऊपर से प्रदेश मा सपा पार्टी के सरकार भी है। मतलब कि कारवाही न होय दें मा बहुतै बड़ी राजनीति है। पुलिस या बात मोहिसे खुला कही भी देत है। फिर भी मैं निराश नहीं आहूं। जहां तक होई सकी नियाव लइके रइहौं।