“पुलिस कहती है वो तो अपने हाथ से खत्म हुई है। हमने कहा…

जिला बांदा, गांव मुगौरा, दसरथ पुरवा के रहैं वाली पैंतालिस साल के मिथलेश 30 जून का फांसी लगा के आपन जान दई दिहिस। यहिसे वहिके परिवार वालेन का शक है कि मिथलेश के गोड़ जमीन मा धरे रहैं तौ वा अपने से कसत फांसी लगा के मर गे है। उनके सुनवाई पुलिस प्रशासन भी नहीं करत आय।
मिथलेश के महतारी प्रेमा देवी कहत है कि मेार लड़की का ससुराल वाले परेशान करत रहैं। एक दरकी अब से साल भर पहिले लड़की मोहिका फोन करिस रहै कि ससुराल वाले मारपीट करिन हैं। या दरकी तौ ससुराल वाले वहिके जान ही लई लिहिन। जबै मिथलेश के मरैं के खबर मिली तौ आ के देखेंव कि वहिके गले मा फंदा लाग है अउर गोड़ जमीन मा धरे रहैं डाढ़ी मा चोट के निशान रहैं। अगर वा अपने से फांसी लगावत तौ वहिके गोड़ जमीन मा न धरे रहत। वहिके गले मा फंदा डार के फांसी लगाई गे है,पै मोर बात पुलिस वाले भी नहीं सुनत आय।
मिथलेश के मनसवा अशोक कुमार का कहब है कि मैं अउर बड़ा लड़का दूनौं अतर्रा चले गये रहेन। वा घर मा अकेले रही है। वहिसे कउनौे लड़ाई झगड़ा भी नहीं भा रहै। हां मूड़ मा पीरा रहत रहै। इलाज करवावैं से नींक नहीं होत रहै। होई सकत है कि वा मूड़ के पीरा से परेशान होइके इनतान करिस है।
नरैनी कोतवाली के दरोगा मुन्ना बाबू निरंजन का कहब है कि मिथलेश अपने से फांसी लगा के जान दिहिस है। यहिसे कउनौ के खिलाफ कारवाही नहीं कीन जा सकत है।
10/07/2016 को प्रकाशित

“पुलिस कहती है वो तो अपने हाथ से खत्म हुई है। हमने कहा, दरोगा साहब देखिए, कोई कहेगा कि लड़की ने अपने हाथ से फांसी का फंदा लगाया है?”
बांदा के मुगौरा ग्राम पंचायत के दशरथपुरा की मिथिलेश के मौत पर उठते सवाल