पाला के ऊपर बारिश के मार


Fasal mein Paalaबुन्देलखण्ड।
बुन्देलखण्ड क्षेत्र में कत्तौ किसान सूखा के मार झेलत हैं तौ कत्तौ फसल मा पाला लागै से नुकसान उठावत हैं। पै सरकार कइती से उनका कउनौतान का मुआवजा नहीं मिलत आय। अगर मुआवजा दीन भी जात है तौ न के बराबर अगर पचास हजार रूपिया का नुकसान किसान का भा है तौ सरकार उनका हजार रूपिया पन्द्रह सौ या पांच पांच सौ रूपिया के चेक दइके चुप करा देत हैं। या फेर कउनौ कुछौ मुआवजा नहीं मिलत आय। भारत एक कृषि वाला क्षेत्र है, पै वहिके बारे मा सरकार का कउनौ चिन्ता निहाय।
चित्रकूट जिला मा पन्द्रह दिन गलन वाली ठण्ड़ी पड़ै से किसानन के अरहर के फसल मा पाला लाग गा। यहै से फसल बरबाद होइ गे है। यहिसे जिला के हजार किसान अधिकारिन के चक्कर लगाव हैं कि उनका मुआवजा खातिर ध्यान दीन जाये। प्रशासन कइती से उनकर सुनवाई नहीं होत आय एक कइती सरकार कहत है कि किसानन का कर्जा माफ होई दूसर कइती जबै उनका मुआवजा के जरूरत है तबै सरकार काहे नहीं सोचत आय?
या समस्या चित्रकूट के साथ साथ बांदा, महोबा, लखनऊ अउर बनारस के किसानन के भी है। सरकार कबै इनके बारे मा सोची? इनकर समस्या कत्तौ खत्म होई या नहीं।