पानी खातिर के होत झगड़ा

01-08-13 Kasba Madhiya
डिब्बा रख के पानी के आसरा देखत मेहरारू

जिला वाराणसी, ब्लाक काषी विद्यापीठ, मड़ीया। इहां के दलित बस्ती के हैण्डपम्प खराब भइले दू साल हो गएल हव। इहां लगभग बीस घर हव। जउन सप्लाई के पानी मिलला उ सवेरे चार बजे से दस बजे आउर शाम के चार बजे से आठ बजे तक बिजली रही त पानी आई नाहीं त ना आई।
इहां के राधिका, माला, गीता समेत कई लोग के कहब हव कि इ सड़क पर सरकारी तीन हैण्डपम्प हव। जवन कि बिगड़ल हव। सप्लाई के पानी त अपने समय से मिलि। बिजली ना रहे से इहां के लोग के त पानी पिए खातिर के तरस जाए के होला। आपरेटर से कहत कहत त मुंह थक जाला। पर ओन नाहीं सुनत हयन।
इ सब के बारे में आपरेटर राजू के कहब हव कि जब बिजली समय पर रही तब न चालू करब वइसे कहाँ से चालू करब। ए समय त बिजली कटौती भी बहुत होत हव। मुहल्ले वलन त पानी खातिर के झगड़ा भी करलन।
सभासद फारूक के कहब हव कि इ तीनो हैएडपम्प रीबोर खातिर के पड़ल हव। कई बार हम अपने आदमी के भेजे लेकिन वहां के लोग ओके नाहीं बने देतन। कहलन कि इ हमार हैण्डपम्प हव।