पानी कै समस्या दूर करै कै उठी मांग

taza-paani-mahobaअक्सर कहा जाथै कि जल ही जीवन आय। अगर एक घण्टा मनई का पानी न मिलै तौ काफी दिक्कत झेलै का पराथै। अम्बेडकर नगर मा जगह-जगह हैण्डपम्प बिगड़ा बाय। पानी के ताई स्कूली गेदहरै अउर गंाव कै मनई इधर-उधर भटकत अहैं।

फैजाबाद अउर अम्बेडकर नगर मा जगह-जगह बिगड़ा नल परेषानी कै सबब बनिगै बाय। तौ कहूं पीला बदबूदार पानी आवत बाय। जेकरे ताई गंाव कै जनता बार-बार बनुवावै कै मांग कराथै लकिन शासन प्रषासन ध्यान नाय दियत। अगर नेता विधायक से कहै तौ आष्वासन मिल जाथै। लकिन वहपै कउनौ कार्यवाही नाय हुवत। जगह-जगह सड़क के किनारे-किनारे विधायक अउर जलनिगम द्वारा नल लाग बाय। जवन तीन-चार साल से बिगड़ा बाय। बार-बार प्रार्थना पत्र दियै के बावजूद अबहीं तक नाय बना। रास्ता के किनारे रहाथै तौ राहगीर भी पानी पी लियत रहिन। लकिन अब ई स्थिति आय गै बाय कि नल पै कूड़ा इक्ट्ठा कीन जात बाय।

षासन-प्रषासन मनईन के सुविधा के ताई तमाम व्यवस्था तौ कराथै। लकिन जब मनई वकै मरम्मत कै मांग कराथिन तौ सिर्फ आष्वासन मिल जाथै। आखिर कब तक मनई आष्वासन के सहारे जीहैं। षासन-प्रषासन का चाही कि जल्द समस्या कै निदान करैं जेसे मनइन वकै लाभ उठाय सकै।