पानी की कमी से जूझ रहे बुंदेलखंडवासी

karvi kshetriya 1 finalkarvi kshetriya 2 finalजिला चित्रकूट। बुंदेलखंड में गर्मी के मौसम में पानी के लिय जगह-जगह तबाही मची है। यहां के जिले चित्रकूट की जनसंख्या आठ लाख छब्बीस सौ अट्ठावन है। लेकिन हैण्डपम्प केवल सोलह हजार एक सौ उनसठ हैं। चित्रकूट में पांच ब्लाक हैं। मानिकपुर ब्लाक के बांसठ ग्राम पंचायतों में तो पानी की बहुत ही परेशानी है।
मानिकपुर ब्लाक के ऐंचवारा गांव लौघटा पुरवा की रहने वाली रतन, लूटी, लाली समेत कई लोगों ने बताया कि पानी की समस्या को लेकर डी.एम. आवास में 15 अप्रैल को धरना दिया था। लोगों ने बताया कि गांव में पचास बहेलिया परिवारों की एक बस्ती है जिसकी आबादी ढाई सौ है। यहां एक भी हैंडपम्प नहीं है। मानिकपुर के पतेरिया हनुआ का पुरवा बड़ेहार की नथिया, सुनीता, माया और संतोश का कहना है कि हमारे बिहड़ गांव हम औरतें झुंड में गांव से तीन किलोमीटर दूर पानी भरने जाती हैं।
मऊ ब्लाक के कोटवा गांव में मुलायम नगर तीन वर्ष से बसा है। यहां पर पचास घर हैं। यहां की गेंदा और दयावती ने बताया कि यहां हैंडपम्प नहीं लगा है। इसलिए दूसरी बस्ती में पानी भरने जाते हैं।
कर्वी ब्लाक के कल्ला गांव यहां पर दस वर्ष से पानी की समस्या है। यहां के प्रधान भीमराज यादव पहले सात हैण्डपम्प का रिबोर करवाए हैं, पर उनमें पानी नहीं आया।
रामनगर ब्लाक गांव बरिया का पुरवा डडिया यहां के लोगों ने बताया कि हमारे यहां 250 की आबादी है। लेकिन हैण्डपम्प एक है। दस मामले में जब जल निगम के अधिशासी अभियन्ता जे.पी. सिंह से बात की गई तो उनका कहना है यहां जल स्तर बहुत कम है। 200-250 फुट रिबोर होने के बाद भी पानी नहीं निकलता। विभाग के पास 11 टैंकर हैं। जिले के एडीएम केषवदास ने बताया कि उन्होंने 21 मार्च को बैठक करके 15 अप्रैल से 16 मई तक जिले के सारे तालाबों में पानी छोड़ने के आदेष दे दिए हैं।