पाकिस्तान में ‘सम्मान के नाम पर हत्या’ के खिलाफ विधेयक पारित

साभार: पत्रिका
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पाकिस्तान संसद के संयुक्त सत्र में 6 अक्टूबर 2016 को दो विधेयक, जो महिलाओं के हित के लिए हैं, पारित किये गये। इनमे पहले विधेयक के अंतर्गत सम्मान के नाम पर हत्या किये जाने के खिलाफ कानून लाया गया। दूसरा, अपराधियों की डीएनए द्वारा पहचान करके उन्हें सज़ा दिलाना।
सम्मान के नाम पर हत्या के खिलाफ विधेयक के अनुसार, हत्या में शामिल परिवार के लोगों को अनिवार्य रूप से आजीवन कारावास की सज़ा दी जाएगी।
दूसरे कानून में, आरोपी की पहचान हेतु डीएनए टेस्ट को अनिवार्य कर दिया गया है। एक अन्य संशोधन में पुलिस स्टेशन में किये जाने वाले बलात्कार की स्थिति में तथा नाबालिक एवं मानसिक रूप से दिव्यांग के साथ होने वाले बलात्कार में सज़ा की अवधि बढाई गयी। इस संशोधन द्वारा सेक्स वर्कर्स को भी बलात्कार के खिलाफ सुरक्षा प्रदान की गयी है।
हाल ही में हुए एक अध्ययन के अनुसार 98 प्रतिशत बलात्कार मामलों में कोई सुनवाई नहीं होती। अब तक जांच में डीएनए टेस्ट नहीं किये जाते थे जिसके चलते अपराधियों को उचित दंड नहीं दिया जाता था।
15 जुलाई को पाकिस्तानी मॉडल और सोशल मीडिया पर खासी चर्चित कंदील बलोच की सम्मान के नाम पर उनके भाई ने हत्या कर दी थी। इस मामले की पाकिस्तान और पूरी दुनिया में काफी आलोचना हुई यहाँ तक की ऑस्कर अवार्ड जीतने वाली शर्मिं ओबैद चिनॉय ने बलोच पर एक शोर्ट फिल्म भी बनायीं जिसमें प्रसिद्द अमेरिकन पॉप स्टार मैडोना ने अपने शब्दों को शामिल किया है।
पाकिस्तान के मानव अधिकार आयोग के अनुसार वर्ष 2015 में लगभग 1100 महिलाओं को उनके परिजनों द्वारा सम्मान के नाम पर मार डाला गया जबकि बहुत से मामलों में रिपोर्ट भी दर्ज नहीं कराई जाती, इसलिए उनके आंकड़े भी उपलब्ध नहीं हैं।यह पहल पाकिस्तान ने की है। आशा है जल्द ही भारत में सम्मान के नाम पर की गए हत्याओं के खिलाफ ठोस कदम उठाये जायेंगे।