पहले 23 बोरी पंजीरी आती थी, अब 4, चित्रकूट जिले के सिकरी गांव में आंगनवाडी कार्यकर्ता का है कहना

जिला चित्रकूट, ब्लाक रामनगर, गांव सिकरी। आंगनबाड़ी केंद्रन मा ताला लटकत हवै। पै विभाग से सेहत के नाम से हर महीना बजट आवत हवै पै सिकरी गांव मा नौ महीना से पोषाहार नहीं मिला आय। हिंया के मड़इन का कहब हवै कि जबै आंगनबाड़ी के लगे पंजीरी ले जइत हवै तौ वा लड़त हवै अउर पंजीरी नहीं देत आय। सुपरवाइजर पुष्पा सिंह का कहब हवै कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गलत करत हवै वहिका घर मा न बइठा चाही केंद्र का काम करै का चाहीं नहीं तौ धरना मा जावा चाही। किशोरिन के पंजीरी बंद होइगे हवै बाकी मड़इन के आवत हवै।
गर्भवती मेहरिया सरोज बताइस कि आंगनबाड़ी मा टीकाकरण बस होत है पंजीरी नहीं देत आहीं बिंदा बताइस कि तीन चार दरकी पंजीरी ले गये हन पै आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कहत हवै कि पंजीरी बंद होइगे हवै। किशोरी कौशिल्या बताइस कि हमें बहुतै दिना से हिंया पंजीरी नहीं मिली आय।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शीला देवी बताइस कि पिछले साल तेइस–तेइस बोरी पंजीरी मिलत रहै या दरकी कत्तौ चार तौ कत्तौ पांच बोरी पंजीरी मिली हवै। नयी सरकार बने के बाद पंजीरी नहीं मिलत आय।
रिपोर्टर-सहोद्रा 

Published on Nov 29, 2017