पहले उगाने में, और फिर तुलवाने और खरीदवाने में, बांदा जिले के किसान परेशानियों से घिरे हुए

बुंदेलखंड के सरकारी केन्द्रन मा देखावा करै खातिर एक महीना पहिले बैनर अउर कांटा लगा दीन गा रहै पै अबै तक एकौ दाना खरीदा नहीं गा आय। सूखा,बाढ़ अउर ओला जइसे समस्या से परेशान किसानन के धान नहीं खरीदी जात आय। या दरकी कउनौतान फसल होइगें है तौ खरीद केंद्र नहीं खुलत आहीं। बुंदेलखंड पैकेज के तहत बनी मंडी मा धान खरीद के तारीख 31 जनवरी से बढ़ा के 28 मार्च कइ दीन गा है पै हेंया तौ मंडी नहीं खुलत तौ किसान का करिहैं?
लक्ष्मी नारायण राजपूत का कहब है कि हम धान कहां बेंची, कहत है कि कांटा नहीं आय। प्रमोद कुमार का कहब है कि हेंया एक हफ्ता से धान बेचे खातिर रुका हौं, काहे से गोदाम भरे है तौ तउल नहीं होइ पावत आय। प्राइवेट दुकान मा सस्ता खरीदत है। तौ सस्ता धान बिकी तौ किसान का करिहैं।
जगदीश प्रसाद का कहब कि बड़ी-बड़ी मंडी खुलत नहीं आहीं यहै कारन प्राइवेट मा बेचे का मजबूर हन।
गल्ला मंडी सचिव छेदीलाल का कहब है कि समय लागी पै सबके धान खरीदे जइहैं।

रिपोर्टर- गीता देवी    

Published on Jan 24, 2018