पन्ना जिले में जंगल के किनारे बसे लोगों को 40 वर्ष से है बिजली का इंतजार

पन्ना जिले के ब्लाक अजयगढ़ गांव खोरा के मजरा बड़ी के पुरवा और जैतूपुर गांव के मजरा नंटहरी में जंगल के किनारे बसे लोग उजाला के लिए तरस रहें हैं। लोगों का आरोप है कि डेढ़ साल पहले सर्वे के दौरान, ठेकेदारों ने पैसे भी ले लिए हैं और बिजली भी नहीं दे रहे हैं। खोरा और जैतूपुर गांव में 80% लोग खेती पर निर्भर हैं, लेकिन बिना बिजली के खेती बंजर पड़ी है। डीजल की बढ़ती महगाई ने किसानों की कमर तोड़ रखी है, ऐसे में किसान खेती करे तो कैसे?

रामकरन ने बताया कि बारह हजार रुपये भी ले गये हैं और बिजली भी नहीं दे रहे हैं। ठेकेदारों के नाम से आये थे जो पैसा ले गये है उसको वापस भी नहीं कर रहें हैं। एक मीटर का एक हजार रूपये मांग रहे थे। बारह मीटर का बारह हजार रूपये ले गये हैं।

चुन्नीलाल पटेल ने बताया कि सर्वे हुए लगभग डेढ़ साल हो गया है, लेकिन अभी तक बिजली नहीं आई है। यहाँ सिंचाई वाले पांच से छह बोर हैं। बिजली आने से हमें हर क्षेत्र में उन्नत करना चाहता हूँ, खासकर खेती में। यहाँ पर सभी लोग कृषक हैं। श्रीपाल का कहना है कि हमारे यहाँ बिजली नहीं आ रही है, इस मामले को लेकर जनसुनवाई में गये, हेल्पलाइन में शिकायत की और एक बार सब लोग इकट्ठा होकर जनसुनवाई में गये हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हीरालाल ने बताया कि मैं पांच साल से वोट नहीं दे रहा हूँ। ना ही मुझे देना है। जब गरीबों की कोई सुनता ही नहीं है, तो किस बात का वोट दें। मतदान की तरह बिजली भी एक दान की तरह है। गौरमेंट बिजली फ्री में देती है क्या? क्या पैसा नहीं लगता। अगर फ्री में देता हो, तो कान दबा के ले ले।

जूनियर जेई बिजली विभाग अजयगढ़ के अखिलेश निगम का कहना है कि एक ट्रांसफार्मर बड़ी के पुरवा में रखा है। बिजली भी लगी है, पाइपलाइन का कनेक्शन भी है, लेकिन कुछ पुरवा आगे बसे हैं, जहां पर बिजली नहीं है। अब वहां भी सर्वे होगा, तो काम करवाएँगे। काम करवाने में समय लगेगा।

रिपोर्टर: प्रमिला और गीता

Published on May 21, 2018