पन्ना जिले के लक्ष्मणपुर गाँव में नील गाय ने चरी लगभग 10 बीघा फसल, मुआवज़े की मांग

मुनियां नाम की एक महिला किसान की लगभग दस बीघे की फसल नील गाय द्वारा चर ली गई है। जिसके मुआवजे को लेकर मुनियाँ दो तीन महीने से तहसील के चक्कर लगा रही है, लेकिन न तो लेखपाल सुनता है और न ही तहसीलदार सुन रहे हैं।

महेश ने बताया कि 90 हजार का ठेका लिए थे।जिसमें गेंहू और चना आदि बोये थे, जिसका जंगली जानवरों द्वारा बहुत नुकसान हुआ है। दस बीघे की फसल में से एक भी फसल नहीं काट पाए हैं। जिसको जानवरों ने पूरा चर लिया है। इसलिए हम चाहते हैं कि सरकार हमारे नुकसान का हमको मुआवजा दे। दिवेश कुमार ने बताया कि इनका नुकसान जंगली जानवरों द्वारा हुआ है। जिसको लेकर एक आवेदन पत्र तहसील में एसडीएम साहब और पटवारी साहब के पास दिए हैं। पटवारी साहब न तो खेत का निरीक्षण करते हैं और न हो ऐसे ही देखने आये कि कितना नुकसान हुआ है। बस आजकल- आजकल में बात को घुमा देते हैं। इसके मुआवजे को लेकर, हमने 181 हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन वहन भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब तो हमें ये भी नहीं पता कि किस अधिकारी के पास जाएँ। जहाँ तक हमें मालूम था, वहां तक हमने शिकायत दर्ज करवाई है, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हो रही है तो क्या कर सकते हैं। एक आवेदन पत्र कलेक्टर साहब के पास डालेंगें, तो वो भी यही कहेंगे कि ये, तो लेखपाल और पटवारी का काम है। मुनियाँ देवी ने बताया कि आज तीन चार महीना से भागते हुए हो गये हैं। आज फिर वही गई थी कि शायद कोई सुनवाई हो जाय। दिन भर भूखे प्यासे बैठे-बैठे परेशान हो जाते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। समझ नहीं आ रहा है कि कैसे कर्जा भरेंगें। सब जंगली जानवर फसल को चर लिए हैं।

नायक तहसीलदार के.के. शर्मा ने इस मामले में कुछ भी बताने से साफ मना कर दिए हैं और मैं इस मामले में कुछ नहीं जानता।  

रिपोर्टर: गीता और चंदा

Published on May 17, 2018