पति खूनी, बलात्कारी, लेकिन फिर भी झांसी की नेहा उसके साथ ही रहना चाहती है, कब बदलेगी ये सामाजिक सोच

जिला झांसी, शहर झांसी पांच साल में छह सौ बार नेहा चौबे ने बो करो जो सोच भी नइ सकत। पांच साल में छह सौ बार पुलिस के चक्कर लगाये लेकिन न इन्साफी और डर बढ़ जाबे तो आप और हम भी एसे ही सुनवाई के इन्तजार में इते उते ही घूम रत।जिला झांसी, शहर झांसी पांच साल में छह सौ बार नेहा चौबे ने बो करो जो सोच भी नइ सकत। पांच साल में छह सौ बार पुलिस के चक्कर लगाये लेकिन न इन्साफी और डर बढ़ जाबे तो आप और हम भी एसे ही सुनवाई के इन्तजार में इते उते ही घूम रत। जे के शुक्ल एस एस पी ने बताई के अबे हमाय पास इनको आवेदन प्राप्त भओ। इन ने अपने पति पे आरोप लगाओ के बे धमकी दे रए और इनके बाप की हत्या कर  सकत। लेकिन जो मामला तो  भयानक और पुरानो हे जब झांसी  की रेबे वाली नेहा की शादी दिलीप भार्गव से दो हजार ग्यारह में भई ती जो शादी एक झांसा निकरी। दिलीप ने पढ़े लिखे होबे को और अच्छी नौकरी पे लगे रहबे को आश्वाशन दओ तो जीसे बी ए प्रथम में पढ़बे वाली नेहा बोहतई खुश हती। लेकिन शादी के बाद पतो चलो के न दिलीप पढ़ो लिखो हतो और न कोनऊ नौकरी लगी ती बल्कि दिलीप और बाके घर वाले कोनऊ गैरकानूनी धंधे के जरिये रुपइया कमात ते। घर में भरे बोरियन के रुपइया पे जब नेहा ने सक जताबो शुरू करो तब दिलीप की सच्चाई सामने आन लगी। दिलीप खूनी भी हे दिलीप दो हजार तेरह में खून करबे के जुर्म में जेल भी जा चुको। और दो हजार पंद्रह में सामूहिक बलात्कार में सजा भुगत चुको। राम प्रकाश तिवारी नेहा के बाप ने बताई के नंबर दो को काम करत। जब मोड़ी ने हमे बताई के एक बोरी भरे रुपइया रखे और बेग में भरे जी से खर्च करत। दिलीप की मताई और मामा ने हमाई मोड़ी के खिलाफ भड़काओ तो दिलीप लड़न लगो। हमने ग्यारह दिसम्बर दो हजार बारह में महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई  पुलिस कोनऊ कारवाही नइ कर रई। केवल पुलिस रुपइया की भूखी हे और बो रुपइया भर रओ सो कोनऊ कारवाही नइ करी जा रई बाके खिलाफ। बो गाड़ी से आत कोऊ को भी मार सकत। हम योगी जी से जोई हमाओ केबो हे के हमाई सुनबे। नेहा ने बताई के दिलीप ने मर्डर कर दओ तो बाके बाद दो महीना बाद आय ते तो मताई और मामा ने हमे घर से निकार दओ और बोले के पांच लाख रुपइया ले आओ नइ तो हमाओ बेटा तो क्रिमिनल हे ही तुमाय बाप को और मार के चलो जेहे। जब दिलीप जेल से बहार आय दो साल बाद तो बोले के जितने हमाय रुपइया लगे बे देओ और अपनो केस वापिस लेलो नइ तो हम तुमाय बाप को गोली से मार दे। हमे जाको डर हे जाके मारे हम घर से बहार नइ निकर पा रए उनके पास रुपइया हे बे कछू भी कर सकत। पुलिस कछू नइ कर  रई। दिलीप घर पे हे बराबर पुलिस रुपइया ले लेत और कछू नइ करत। हमाय दो बच्चा हे। बैंक से लोन लओ पांच लाख को काय के कितऊ कमा बे नइ जा पा रए। हमाओ एक भज्जा हे अगर कछू कर दओ तो का कर हे हम ओरे बोई कमा बे वालो हे बोई घरे बैठो।

रिपोर्टर- सोनी

Published on Jul 27, 2017