पचास साल से वादे और आश्वासन, पर हकीकत में सिर्फ अन्धेरा, झांसी के धरमपुरा गाँव में

जिला झांसी, गांव धरमपुरा बिजली जो आदमियन की बुनयादी जरूरतन में से एक हे। धरमपुरा गांव में केऊ पीढ़ीयन से बिजली नइ आइ गांव के आदमी दिया के उजेरे में रेबे के लाने मजबूर हे। केऊ शिकयतन के बाद भी कोनऊ सुनवाई नइ भइ।
बच्चा कोऊ इंजिनियर तो कोऊ अध्यापक बनबे को सपनो देख रए लेकिन दिया के उजेरे में सही से दिखात भी नइया तो दिखात भी नइया तो कैसे हुए सपने पूरे। आदमी प्रधान और शासन के आश्वाशन सुन सुन के परेशान हे।
गोविन्द दास ने बताई के हमाई तीन पीढ़ी गुजर गयी लेकिन गांव में बिजली नइ आइ। श्याम देवी ने बताई के एसे हमाय पुरखा गुजर गये अधेरे में एसे ही हम मर जेहे अधेरे में कोऊ सुनत ही नइया।
पप्पू ने बताई के नेता जी को फोन लगाओ सो कत के हओ एक दो चार दिन में हो जेहे लेकिन कछू नइ होत।
वर्षा और सविता ने बताई के अधेरे में पढ़त सो पढ़ भी नइ पात बिना बिजली के।
बीरेंद्र यादव जिला पंचयात सदस्य ने बताई के हमने उते की बिजली और सड़क के लाने मांग करी ती तो बे बोले के प्रस्ताव डारो फिर हमने माननीय पूर्व मुख्यमंत्री जी को प्रस्ताव भी भेजो लेकिन चुनाव और आचार्य सहिता के कारण बा पे कोनऊ कार्यवाही नइ भइ।

रिपोर्टर-  सफीना

29/05/2017 को प्रकाशित