पकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अल्पसंख्यक अर्थशास्त्री को हटाया, कट्टरपंथियों के आगे झुके

साभार- ट्विटर

प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ (पीटीआई) की सरकार ने आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी) के लिए मियां के नामांकन किया गया था।

जिसके बाद, पाकिस्तान सरकार ने कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेकते हुए मशहूर अर्थशास्त्री आतिफ मियां का नवगठित आर्थिक पैनल के सदस्य के तौर पर नामांकन वापस ले लिया। आतिफ मियां अल्पसंख्यक अहमदी समुदाय के सदस्य हैं।

प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ (पीटीआई) की सरकार ने आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी) के लिए मियां के नामांकन का बचाव करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा था कि वह ‘कट्टरपंथियों के आगे घुटने नहीं टेकेंगे।’ पाकिस्तान के संविधान में अहमदियों को गैर मुस्लिम घोषित किया गया है और उनकी मान्यताओं को कई प्रमुख इस्लामिक स्कूलों में ईशनिंदा माना जाता है। अक्सर कट्टरपंथी उनको निशाना बनाते रहे हैं और उनके धार्मिक स्थलों पर भी तोड़-फोड़ की जाती रही है।

मियां को हाल ही में 18 सदस्यीय ईएसी के सदस्य के तौर पर नामित किया गया था। ‘शीर्ष 25 सबसे प्रतिभाशाली युवा अर्थशास्त्री’ की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष सूची में शामिल यह अकेले पाकिस्तानी हैं। मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलोजी से शिक्षित आतिफ मियां प्रतिष्ठित प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं और पाकिस्तानी अमेरिकी हैं।

सूत्रों के अनुसार पीटीआई सीनेटर फैजल जावेद ने कहा कि मियां पद छोड़ने को तैयार हो गए हैं और उनकी जगह कौन लेगा इसकी घोषणा जल्द की जाएगी। मंगलवार को नामांकन का बचाव करते हुए सरकार ने कहा था, ‘पाकिस्तान अल्पसंख्यकों का भी उतना ही है जितना कि बहुसंख्यकों का…’