पंजाब विश्वविद्यालय में रचा गया इतिहास, एसएफएस की महिला उम्मीदवार कनुप्रिया ने जीता अध्यक्ष पद

पंजाब विश्वविद्यालय  छात्र संघ चुनाव में पहली बार किसी छात्रा ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर रिकार्ड बनाया है। स्टूडेंट फॉर सोसाइटी (एसएफएस) की उम्मीदवार जूलॉजी विभाग की छात्रा कनुप्रिया ने अध्यक्ष पद पर सोई-इनसो-आइएसए-हिमासू पैनल के उम्मीदवार इकबाल प्रीत सिंह को हराकर यह जीत हासिल की है।

बता दें, एसएफएस ने छात्र काउंसिल चुनाव में अकेले दम पर यह जीत हासिल की है।

पंजाब विश्वविद्यालय  में करीब चार साल पहले एसएफएस छात्र संगठन का गठन किया गया था। एसएफएस ने छात्र हितों के लिए कई बड़े आंदोलन पंजाब विश्वविद्यालय  में किए हैं। फीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर एसएफएस की स्टूडेंट्स की लंबी भूख हड़ताल हो या फिर छात्रों के अधिकारों का मुद्दा। एसएफएस ने हर मुद्दे पर पंजाब विश्वविद्यालय  प्रशासन को हमेशा कड़ी चुनौती दी। एसएफएस के कई छात्र नेताओं पर पुलिस में मामले भी दर्ज हुए। लेकिन कई सालों की कड़ी मेहनत के बाद आखिर एसएफएस ने पंजाब विश्वविद्यालय में 2018 छात्र संघ चुनाव में जीत मिल ही गई।

पंजाब विश्वविद्यालय  छात्र संघ में अध्यक्ष और जनरल सेक्रेटरी के पदों को ही सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। पंजाब विश्वविद्यालय  में पहला रिकार्ड 2008-9 में साइंस संकाय से ही इनसो की छात्र नेता दीपिका ठाकुर ने जनरल सेक्रेटरी पद पर जीत हासिल कर इतिहास रचा था, लेकिन कनुप्रिया की यह जीत ने नया इतिहास रच दिया है।

कनुप्रिया पंजाब विश्वविद्यालय  छात्रा सेंटर पर बने स्टूडेंट काउंसिल ऑफिस में अध्यक्ष की सीट पर बैठने वाली पहली लडक़ी होगी।