पंचायती चुनाव पर शैक्षिक योग्यता संविधान के खिलाफ

(फोटो साभार - प्रभात खबर)
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हरियाणा। पंचायत चुनावों के लिए उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता तय किए जाने के हरियाणा सरकार के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि अगर यह मानक तय किया जाएगा तो भारत की आधी आबादी चुनाव लड़ने का हक खो देगी।
हरियाणा सरकार ने एक प्रगतिवादी कदम बताते हुए शैक्षिक योग्यता के मानक को लागू करने का फैसला किया था। इस नए मानक के अनुसार सामान्य वर्ग के उम्मीदवार को दसवीं पास होना जरूरी था जबकि अगर सामान्य वर्ग की औरतें चुनाव लड़ना चाहे तो उसे आठवीं पास होना था। दलित समुदाय के लिए इस योग्यता को पांचवीं पास रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट की दो जजो की बेंच ने यह फैसला सुनाते हरियाणा सरकार से कहा कि शैक्षिक योग्यता का यह मानक तय किए जाने का सीधा मतलब है कि हम संविधान द्वारा देश के नागरिकों को मिले बराबरी के हक की अनदेखी करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हरियाणा में पंचायत स्तर के चुनाव फिलहाल टाल दिए गए हैं। अभी नई तारीख नहीं आई है।