न्यायालय के आदेश से लिखो गओ दहेज हत्या को मुकदमा

रेशमा को परिवार
रेशमा को परिवार

जिला महोबा, ब्लाक चरखारी, गांव करहरा खुर्द। एते की 25 साल की रेशमा के ससुराल वालेन ने दहेज के लालच में 7 जुलाई 2014 खा ऊखी हत्या कर दई हे। रेशमा के परिवार वालेन ने नियाव पायें खे लाने अदालत की शरण लई हे। रेशमा की मताई सुदामा ने बताओ कि हमने रेशमा कि शादी 3 फरवरी 2014 खा कराहरा खुर्द गांव के देवीदीन पुत्र परमलाल राजपूत के साथे करी हती। भाई बृजभान बताउत हे कि हमने अपनी बहन की शादी जा सोच के करी हती कि बड़े घर में हो जेहे तो गरीबी में मुक्ती पाहे। काय से देवीदीन की पेहली शादी केऊ साल पेहले हो चुकी हती। ऊखे एकऊ लड़का न हते जीखे कारन ऊखी पेहली ओरत लीला ने दूसरी शादी करे खा कहो हतो। जभे कि ऊखी बीस साल की एक लड़की भी हती। पेहली विदा में जभे रेशमा ससुराल गई तो पेहली ओरत लीला ओर लड़की सुषमा ने कहो कि ते जा घर की नौकरानी हे। तोओ ई घर में कछू नइयां। तोये हिस्सा न मिलहे। अगर ई घर में रहने हे तो पचास हजार रुपइया नगद अपने मायके से लाव। रेशमा ने घरे आके बताओ तो पंचायत भी कराई गई। जीमे हमने कहो कि अगर हमाये इत्ती हैसियत होती तो हम रेशमा की शादी कहूं ओर जघा न करते। जा सुनके ऊ भड़क गये ओर आये दिन रेशमा के साथे मारपीट करन लगे। 7 जुलाई 2014 खा मारपीट करके रेशमा खा फांसी में लटका दओ। जभे हमने देखो तो ऊखे शरीर मे चोटन के गम्भीर निशान हते। हमने चरखारी कोतवाली में रिपोर्ट लिखाये की कोशिश करी, पे ओते हमाई रिपोर्ट नई लिखी गई। एई से हमने 5 सितम्बर 2014 खा आदालत की शरण लई हे।
चरखारी कोतवाल अब्दुल रज्जाक ने बताओ कि धारा 498 ए (दहेज के लिये प्रताडि़त करना) 304 बी आई.पी.सी. (एक राय होकर मार देना) ओर 3/4 दहेज अधिनियम के तहत देवीदीन, लीला ओर सुषमा के खिलाफ मुकदमा लिख गओ हे। अपराधी अभे फरार हें।