नेताओं की बयानबाजी के बीच छतरपुर जिले के नौगांव ब्लॉक में किसानों की हालत

12 फरवरी को हुई बिना मौसम बारिस और ओला गिरने से खेतों में लहराती फसल को मारनें का काम किया है। छतरपुर जिले के नौगांव ब्लाक के माधोपुर गांव में एक सौ पचास किसानों को इस बारिस से भारी नुकसान हुआ हैं। गेहूं के साथ मटर,आलू,भिंडी,बैंगन,फूलगोभी और लौकी जैसी कई फसल बेकार हो गई है।
कुसुम ने बताया कि बहुत ज्यादा ओले पड़े हैं जिससे हमारी प्याज की फसल कुचल गई है।
सोनाबाई का कहना है कि ओले पड़ने से सबसे ज्यादा गल्ला का नुकसान हुआ है, हम शासन से मदद चाहते हैं।
राधा कुशवाहा ने बताया कि ओले गिरने से सब फसल बर्बाद हो गई है। घर खर्च चलाने का यही एक साधन था।
मध्य प्रदेश में भाजपा के पूर्व विधायक रमेश सक्सेना ने इस आपदा से किसानों को बचानें के लिये ये सलाह दी है कि किसान रोज एक घंटे हनुमान चलीसा का पाठ करें। पूर्व विधायक की बात का समर्थन प्रदेश के कृषि राज्यमंत्री बालकृष्ण पाटीदार ने भी किया है। अब इस बयान के बाद मदद की उम्मीद किससे की जा सकती है।
पटवारी पंकज दुबे का कहना है कि किसानों का जितना नुकसान हुआ है उसका मुआवजा दिया जायेगा।
सरपंच अरविंद प्रताप ने बताया कि डीएम, तहसीलदार, पटवारी सभी जांच करने आये थे।
एस.डी.एम. रवि चौकसी का कहना है कि पटवारी जांच कर रहे है, नुकसान के आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस नुकसान की भरवाई का आश्वासन दे दिया है। पर किसानों को नुकसान की राशि कब मिलेगी।   

रिपोर्टर- नसरीन खातून

Uploaded on Feb 20, 2018