नौकरी ख़त्म हुए 20 साल हो गए लेकिन आज तक नहीं मिल रही पेंशन, बांदा जिले की कहानी

बांदा जिले के परिवहन विभाग के सैकड़न जउन रिटायर होइगें है, बीस साल होय के बादौ पेंशन नहीं मिलत आय जेहिमा लगभग अस्सी प्रतिशत कर्मचारी पेंशन के आस मा आपन जान गंवा दिहिन है।
बस ड्राइवर योगेन्द्र नाथ का कहब है कि हमें पेंशन नहीं मिलत आय। बस मा फिरी चले के सुविधा बस मिली है। बस कंडेक्टर असरफी लाल गुप्ता का कहब है कि पेंशन मिले का अधिकार तौ है पै उन्नीस साल होय के बादौ पेंशन नहीं मिलत आय। हम अस्सी साल के बूढ़ काम नहीं कइ पइत आय, रुपिया न होय के कारन आपन दवाई नहीं करा पइत आय। जिन्दा लाश जइसे जिन्दगी जियें का मजबूर हन। बस ड्राइवर छकौड़ी लाल साहू का कहब है कि हम काम करै लाइक नहीं आहीं तौ लड़का हमें खवावत है अउर पड़ोसी भी मदद करत है। हम मरे के कगार मा हन काहे से जिए खातिर कुछौ साधन नहीं आय।
पेंशन का या मामला कोर्ट मा चलत है, यहिके खातिर विभाग कउनौ जवाब नहीं देत आय। देखौ अब कबै तक फैसला होई?

रिपोर्टर- गीता देवी और मीरा देवी

Published on Mar 21, 2018