नोटबंदी तो बहुत सुन लिया, अब ये गोबरबंदी क्या है!

साभार: विकिमीडिया कॉमन्स
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गुजरात के अमरेली नगरीय प्रशासन ने नोटबंदी का मज़ाक उड़ाने के लिए पशुओं के गोबर की सीमा निर्धारित की है। सड़कों पर अब कोई भी जानवर 3 किलो से ज़्यादा गोबर नहीं करेगा, जबकि छोटे जानवर की सीमा 1 किलो तय की गयी है। 1 दिसंबर से ये नियम लागू भी हो गया है।
दरअसल अमरेली पालिका में कांग्रेस का शासन है और वे नोटबंदी का इस तरह विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब पैसे निकालने की सीमा हो सकती है, तो जानवरों के गोबर निकालने की सीमा क्यों नहीं हो सकती है?
अमरेली नगर निगम की अध्यक्ष अलकाबेन गोंडालिया ने इस नियम को प्रधानमंत्री के ’स्वच्छ भारत’ अभियान को बढ़ावा देने वाली शुरुआत कहा। साथ में, इस नियम के लिए गोबर का वजन चेक करने के लिए एक यंत्र भी बनाया जाएगा।